बिलासपुर /सुभाष ठाकुर – शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को देशभर में कई तरह के रैंक मिल रहे हैं और इन दिनों स्कूल को अपग्रेड करने का सिलसिला भी जारी हो चुका है। हैरानी इस बात की है कि रैंक मिलने और स्कूलों को अपग्रेड करने के बाद भी शिक्षा जगत की हालत बहुत दयनीय होती जा रही है। जिला के सदर विकास खंड की बंदला पंचायत के परनाली स्कूल में पिछले छह माह से एक ही अध्यापक स्कूल की कमान संभाल रहा है और वह भी स्कूल प्रबंधन व अन्य कार्यों में व्यस्तता के चलते बच्चों को समय नहीं दे पा रहा है। ऐसे में लंबे समय से बच्चे स्कूल बैग में खाली कापियां और बंद किताबें लेकर घूम रहे हैं ।
वंही राजकीय प्राथमिक पाठशाला परनाली की इस हालत को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी लगातार इसके सुधार के प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। स्कूल की एसएमसी ने शिक्षा विभाग को एक ज्ञापन के जरिए उप निदेशक शिक्षा विभाग को बताया कि पिछले छह माह से एक अध्यापिका के सहारे स्कूल चल रहा है, जबकि पाठशाला में पहली कक्षा से पांचवीं तक के 60 छात्र शिक्षा ग्रहण करने प्रतिदिन पहुंचते हैं। इसके साथ ही प्री नर्सरी के भी 20 बच्चे पाठशाला में आते हैं और पिछले छह महीनों से बंद किताबों कापियों को लेकर घूम रहे हैं। स्कूल की इस हालत से बच्चों की पढाई पर खराब असर पड़ रहा है। स्कूल की इस हालत को लेकर कई बार शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन को बताया जा चुका है, लेकिन अब भी सुधार नहीं हो रहा है। स्कूल की एसएमसी व स्थानीय लोगों ने अब मन बनाया है कि जल्द ही अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह स्कूल में ताला लगा देंगे।
