शिमला,संजु चौधरी(TSN)-मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते दिन बिजली पर मिल रही इस सब्सिडी को छोड़कर प्रदेश की जनता से भी सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी.वहीं विपक्ष ने इस पर सवाल खड़े किए हैं और सरकार से 300 यूनिट बिजली फ्री देने का जो वादा किया था,उसे पूरा करने के नसीहत दी है।इसको लेकर सीएम के मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने पलटवार किया है और विपक्ष को आलोचना करने के बजाय प्रदेश हित में काम करने की नसीहत दी है।
विपक्ष को प्रदेश हित मे सोचने की जरूरत
नरेश चौहान ने कहा कि विपक्ष को प्रदेश हित मे सोचने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने बिजली पर मिल रही सब्सिडी का परित्याग किया है और जो 125 यूनिट बिजली फ्री में मिलती थी,उसे छोड़ने की प्रदेश की जनता से अपील भी की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विधायकों ने इसका परित्याग किया है और यह एक प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अच्छा कदम है और विपक्ष को इसकी सराहना करनी चाहिए, ना की आलोचना.यह जनता के हित में सरकार ने फैसला लिया है.नरेश चौहान ने कहा कि हर साल सरकार बिजली बोर्ड को 2200 करोड़ का अनुदान देता है और बिजली बोर्ड को अपने पांव पर खड़ा करने के लिए इस तरह के फैसले लेने की आवश्यकता है।
सीएम मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है,जो अनाथ बच्चे हैं,जिनके माता-पिता नहीं है उन्हें चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट घोषित किया गया है और इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठा रही है.दूसरे राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।यह फैसला किसी राजनीतिक भावना से नहीं लिया गया है बल्कि सरकार ने ऐसे वर्ग के बारे में सोचा है.जिसके बारे में किसी भी सरकार ने आज तक नहीं सोचा।आज मुख्यमंत्री ने ऐसे 22 बच्चों को देश के भृमण पर भेजा है जो की चंडीगढ़ दिल्ली और गोवा जाएंगे।
