संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर में एक बार फिर राजनीति में गर्माहट दिखना शुरू हो गई। यहां कांग्रेस की ओर से दी गई गारंटियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस का एक बार फिर से आमने सामने आ गई हैं। नूरपुर के स्थानीय भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का की ओर से सोशल मीडिया पर हिमाचल की सरकार पर तंज कसते हुए वायदा खिलाफी के आरोप लगाया गया हैं। उनके इसी बयान पर अब कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने भी भाजपा विधायक पर पलट+वार करते हुए स्थानीय विधायक को तथ्यों पर आधारित बयानवाजी करने की सलाह दी हैं।
प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने स्थानीय विधायक को मौज़ूदा सरकार पर महिलाओं को पंद्रह सौ प्रतिमाह भत्ता ना देने के आरोप पर कहा कि विधायक जब भी बयानवाजी करे अध्ययन के उपरांत ही करे क्योंकि कांग्रेस सरकार की ओर से पेंशन भत्ता चिंहित प्रक्रिया जारी हैं। इतना ही नहीं प्रथम चरण में एक लाख के क़रीब महिलाओं को पेंशन वितरित की जा रही हैं।
प्रदेश प्रवक्ता ने स्थानीय विधायक को यह सलाह दी कि आप अभी युवा है व आपके पास लंबा समय हैं। आप अपना ध्यान नूरपुर की जनता के साथ किए गए वायदों को निभाने पर केंद्रित करें क्योंकि हिमाचल में जनादेश के लिहाज़ पर आप तीसरे स्थान पर हो जबकि सिराज प्रथम व कांगड़ा दूसरे स्थान पर हैं।
उन्होंने कहा कि विधायक नूरपुर जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। यंहा से पूर्व में रहे वरिष्ठ मंत्री स्वर्गीय सत महाजन व पूर्व में रहे केवल सिंह पठानिया भी नेतृत्व कर चुके हैं व यह अधारहीन तथ्यहीन बयानवाजी कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की बजाए नूरपुर की जनता की ओर से दिए गए जनादेश की तरफ़ ध्यान दें।
उन्होंने नूरपुर से टिंबर डिपो स्थानांतरित करने पर कहा कि यह प्रक्रिया जारी है जो कि हास्यास्पद है व लगों को भ्रमित करने का प्रयास हैं। फिन्ना सिंह सिंचाई योजना को लेकर केंद्र सरकार की ओर से छ: सौ करोड़ के क़रीब बजट का श्रेय लेकर नूरपुर की जनता को भ्रमित करना एक राजनीतिक चाल हैं क्योंकि जनता जानती है कि इस योजना को स्वर्गीय सत महाजन के कालखंड में अथक प्रयासों से अस्तित्व मिला हैं।
प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने स्थानीय विधायक को घेरते हुए प्रश्न किया कि आप स्वां नदी के तटिकरण या सौंदयकर्ण का जिक्र कर मोदी सरकार का महिमा मंडल तो कर रहे हैं लेकिन चक्की नदी के तटिकरण या चक्की पुल के प्रति भी पैरवी करते तो बेहतर होगा।
स्थानीय विधायक शायद यह भूल गए है कि पूर्व में रही बीजेपी सरकार में नूरपुर के जल शक्ति विभाग में बारह करोड़ की देनदरियां बिना बजट से लंबित है व चार करोड़ की देनदारियां लोक निर्माण विभाग नूरपुर में बिना बजट से लंबित हैं क्या यह पूछना आपके कार्य क्षेत्र में नहीं है बिना बजट के तत्कालीन अधिकारियों ने किस ऑथोरिटी से कार्य करवाए जो कि संदेह के घेरे में हैं। क्या यह सपष्टीकरण लेना आपके अधिकार क्षेत्र का हिस्सा नहीं है?
सुदर्शन शर्मा ने कहा कि नूरपुर का उज्ज्वल भविष्य के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सराहनीय कदम नूरपुर को एक नई दिशा देंगे जिसके लिए हम सब प्रयासरत रहेंगे।
