राहुल चावला, धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश की 14 वीं विधानसभा के शीत सत्र के तीसरे दिन विपक्ष की ओर से विधानसभा सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल की ओर से अभिभाषण सदन में प्रस्तुत किया गया था उसका विरोध किया गया। विपिन सिंह परमार ने इस बारे में बताते हुए कहा कि पिछले कल महामहिम राज्यपाल ने जो अभिभाषण सदन में प्रस्तुत किया आज उसके ऊपर चर्चा की गई। उस छह पन्नों की किताब को जब मैंने पढ़ा तो मुझे लगा यह सिर्फ औपचारिकता थी और बेबसी में राज्यपाल को लिखित भाषण पढ़ना पड़ा।
परमार ने कहा कि उस अभिभाषण में ना ही दिशा थी और ना ही कोई रोडमैप था, ना ही हिमाचल प्रदेश के लिए किए गए वायदों का ज़िक्र था,इसलिए इस प्रस्ताव का जो हिमाचल प्रदेश की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नहीं बना हैं उसका विरोध जताया गया।
सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता को कांग्रेस ने ठगा हैं। हिमाचल प्रदेश की जनता ने विश्वास के रूप में इनको समर्थन दिया हैं। अगर 26 दिनों की बात की जाए तो यह वह सरकार है जिस सरकार का मंत्रिमंडल का गठन अभी तक नहीं हुआ हैं। मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर की सरकार ने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार लोगों की सुविधाओं के लिए संस्थान खोले थे उन पर चाबुक चलाने का एक सर्कुलर जारी किया गया और उन सब को निरस्त किया गया। यह सब कुछ लोकतंत्र के खिलाफ हैं। हिमाचल प्रदेश की जनता के खिलाफ हैं। हम भी जनता के प्रतिनिधि हैं। विधानसभा के अंदर भी विधानसभा के बाहर भी इन मुद्दों को उठाएंगे ओर जनता हमारे साथ खड़ी हो चुकी हैं।
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सदन में मौजूद ना होने को लेकर पूछे गए सवाल पर विपिन सिंह परमार ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी थीऔर सदन के नेता वहां से कहीं चले जाएं। पिछले कर हम जब उनके कार्यालय गए तो उनके अधिकारियों को ही उनके जाने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह बिखरी हुई ओर खजल सरकार हैं। यह अपने ही बोझ तले दब जाएगी आप इंतजार कीजिए।
