संजू चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद अब 8 दिसंबर को नतीजे आने है। कांग्रेस ओर भाजपा दोनों दल जीत का दावा कर रहे है,लेकिन कांग्रेस पार्टी को हॉर्स ट्रेडिंग डर सताने लगा है। हिमाचल कांग्रेस के महासचिव और शिमला ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य ने चुनावी परिणामों के बाद हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई है। विक्रमादित्य सिंह ने अपने निजी आवास होली लॉज में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उन्हें यह आशंका है, बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर हिमाचल प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग कर सकती है। उन्होंने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस को 45 सीटें मिलने का अनुमान है, लेकिन अगर सीटें 35 के करीब आती हैं, तो बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग कर सकती है। ऐसे में उन्होंने आलाकमान से मांग की है कि चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में आब्जर्वर भेजे जाएं, ताकि हॉर्स ट्रेडिंग की संभावनाओं को खत्म किया जा सके। विक्रमादित्य सिंह ने न केवल कांग्रेस में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई बल्कि भविष्य में जीतकर आने वाले आजाद उम्मीदवारों को लेकर भी यही आशंका जाहिर की है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी सभी विधायकों को एकजुट रहने के लिए कहा है।
हिमाचल कांग्रेस के महासचिव विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पार्टी ने इस चुनाव में उन्हें स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने न केवल अपने हल्के में प्रचार किया बल्कि वे पूरे प्रदेश में प्रचार के लिए घूमे। उन्होंने कहा कि इस बार हिमाचल प्रदेश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ गुस्सा नजर आया हैं। भाजपा की नीतियों से पूरा प्रदेश परेशान है। बढ़ती महंगाई-बेरोजगारी भी जनता के लिए एक बड़ी समस्या रही। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस, बागवानी से जुड़े लोगों के लिए पैकिंग मैटेरियल पर जीएसटी की बढ़ोतरी बड़ा मुद्दा रहा।
उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा की नीतियों से परेशान होकर कांग्रेस के पक्ष में वोट किया है। विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि उन्हें अलग-अलग वर्गों से मिले फीडबैक के अनुसार प्रदेश में स्पष्ट बहुमत वाली सरकार बनती नजर आ रही है। वहीं विक्रमादित्य सिंह ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस के जवानों पर पूरा भरोसा करते हैं, लेकिन बावजूद इसके रामपुर जैसी घटनाओं से संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि थ्री लेयर सिक्योरिटी के बावजूद यह जरूरी है कि चुनाव आयोग की देखरेख में ईवीएम की सुरक्षा सही तरह हो। विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर में निजी कार में ईवीएम ले जाने के मामले में छह कर्मचारियों के निष्कासन का भी स्वागत किया।
