बिलासपुर : सुभाष ठाकुर ( TSN)-झंडूता क्षेत्र के तहत समोह गांव के एक बुजूर्ग जगदीश चंद (बोटी) धक्के खाने को मजबूर है। जगदीश चंद पशु पालन विभाग के कई बार चक्कर काट चुका है। लेकिन फिर भी कुछ हाथ नहीं लगा। वहीं, अब जगदीश ने चेताया है कि यदि जल्द ही उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरी में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
दरअसल जगदीश चंद कृषि बकरी पालन योजना के लाभ से वंचित हैं । उन्होंने वर्ष 2020 में पशु पालन विभाग की कृषि बकरी पालन योजना के अंतर्गत आवेदन किया था । आवेदन के बाद 31 अगस्त 2020 को स्वीकृति मिली। बाकायदा इसने योजना के तहत 26 अगस्त को अपनी ट्रेनिंग पूरी की। संबंधित विभाग की ओर से आगामी प्रक्रिया के तहत 10 अगस्त को दस्तावेज आगे उच्च अधिकारियों को भेजे गए।योजना के तहत नियमानुसार इसने राशि 3354 रुपए जमा करवा दी। पात्र को 11 बकरियां मिलनी थी। विभाग की ओर से शैड बनाने की बात कही। इस बुजुर्ग ने बैंक से ऋण लेकर बकरी शैड बनवाया। इस पर 30 हजार खर्चा किया। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इस बुर्जुग को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने सरकार प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए। उधर, पशु पालन विभाग के उप निदेशक विनोद कुंदी ने कहा कि योजना में बदलाव होने के चलते आवेदनकर्ता को लाभार्थी शेयर राशि जमा करवाने को लेकर अवगत करवाया गया था लेकिन राशि जमा नहीं की गई। वहीं उक्त व्यक्ति की पहले वाली लाभार्थी राशि वापस लौटा दी गई है।
