सोलन : योगेश शर्मा – स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डाॅ. धनीराम शांडिल सोलन की ग्राम पंचायत काहला और सायरी के विभिन्न क्षेत्रों में गत दिनों भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लेने पहुंचे । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से सबक लेकर हमें भविष्य में पर्यावरण संरक्षण को अधिमान देते हुए निर्माण कार्यों को योजनाबद्ध करना होगा। डाॅ. शांडिल ने कहा कि प्रकृति से पार पाना सम्भव नहीं है। इसलिए यह आवश्यक है कि प्रकृति के साथ तालमेल स्थापित कर विकास कार्योें को गति प्रदान की जाए।उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकास को गति प्रदान करना आवश्यक है। इस दिशा में आमजन का साथ जरूरी है।
सोलन ज़िला में 365 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया
स्वास्थ्य मंत्री इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के साथ है और प्रभावितों केे नुकसान की भरपाई के लिए यथा संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से अब तक सोलन ज़िला में 365 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। केवल शामती क्षेत्र में ही 120 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्षा से जो नुकसान हो रहा है यह प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा भी है। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रकृति को नहीं समझे और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करते रहे तो इसके और गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर पिछले काफी समय से दिखाई पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने ग्राम पंचायत काहला के गांव दोवठी में माघो राम शर्मा, भूप राम और प्रभु देवी के क्षतिग्रस्त हुए मकानों का निरीक्षण किया।उन्होंने सायरी में भी आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायज़ा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं भी सुनी।
