ऊना | ऊना नगर निकाय चुनावों के बाद भी जिले में चुनावी प्रचार सामग्री नहीं हटाई गई है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद शहरों और कस्बों में पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और स्टीकर अब भी लगे हुए हैं। इस लापरवाही को लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है और अब संबंधित प्रत्याशियों व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जवाब तलब करने की तैयारी की जा रही है।
जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के भीतर सभी उम्मीदवारों को अपनी प्रचार सामग्री हटानी थी, लेकिन रविवार को तय समयसीमा खत्म होने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बाजारों, मुख्य चौकों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर चुनावी प्रचार सामग्री साफ नजर आ रही है।
हालांकि कुछ पार्षदों ने अपने स्तर पर पोस्टर और बैनर हटाने की पहल की है, लेकिन अधिकतर प्रत्याशी प्रशासनिक निर्देशों को गंभीरता से लेते नहीं दिखे। इससे निर्वाचन नियमों की अनदेखी के आरोप भी सामने आने लगे हैं।
गौरतलब है कि 17 मई को ऊना जिले के छह नगर निकायों में चुनाव कराए गए थे। इनमें नगर परिषद संतोषगढ़, मैहतपुर-बसदेहड़ा और नगर पंचायत टाहलीवाल, अंब, दौलतपुर चौक तथा गगरेट शामिल थे। मतदान के बाद उसी शाम चुनाव परिणाम भी घोषित कर दिए गए थे।
जिले के कुल 48 वार्डों में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने जीत के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया था। प्रचार के दौरान शहरों और कस्बों में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए, जबकि दीवारों और बिजली के खंभों तक पर पोस्टर और स्टीकर चस्पा किए गए थे। निर्वाचन नियमावली के मुताबिक चुनाव खत्म होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर इन सभी प्रचार सामग्रियों को हटाना अनिवार्य होता है, ताकि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और सौंदर्य बना रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि प्रशासन ने मामले का संज्ञान ले लिया है। संबंधित एसडीएम के माध्यम से उम्मीदवारों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
