हमीरपुर,अरविन्द -: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।तेल कंपनियों ने चौथी बार ईंधन के दामों में इजाफा करते हुए नई दरें 25 मई से लागू कर दी हैं।आधी रात को ही पेट्रोल पंप संचालकों को नई कीमतों की सूचना भेज दी गई थी, जिसके बाद सुबह से नए रेट प्रभावी हो गए।हमीरपुर में पेट्रोल की कीमत 101.29 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.32 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम जनता, व्यापारियों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।इस बार पेट्रोल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.86 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इससे पहले भी 15, 19 और 23 मई को ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट पर साफ दिखाई देने लगा है।
स्थानीय व्यापारी राजेश कुमार ने बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि व्यवसाय के सिलसिले में उन्हें अक्सर दूसरे शहरों का दौरा करना पड़ता है। पहले जहां उनके आने-जाने और ईंधन पर हर महीने लगभग 10 से 12 हजार रुपये खर्च होते थे, वहीं अब यह खर्च बढ़कर करीब 20 हजार रुपये तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते दामों से व्यापार करना मुश्किल होता जा रहा है और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने वाले कदम उठाने की मांग की।वहीं टैक्सी चालक रमेश का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन यात्रियों से अधिक किराया लेना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में टैक्सी किराए बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा। रमेश के अनुसार ईंधन महंगा होने से उनकी आय पर बुरा असर पड़ रहा है और रोजमर्रा का खर्च निकालना भी कठिन हो गया है।युवा व्यापारी सुशील शर्मा ने भी सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के वादे किए गए थे, लेकिन अब लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें कम होने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई। सुशील ने कहा कि पहले से ही रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं, ऐसे में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम आदमी की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है। उन्होंने सरकार से जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
Chandrika
