अरविंदर सिंह,हमीरपुर: पूर्व सैनिक वर्ग अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चित कालीन धरना संचालित कर रहे हैं जिसमें भारत के पूर्व सैनिकों के संगठनों से जुड़े लाखों पूर्व सैनिक और पूर्व सैनिक विधवाएं शीघ्र मांगों को पूरा करने के हिताय इस धरने में सम्मिलित हो रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को हमीरपुर के गांधी चौक पर यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन के बैनर तले हमीरपुर में पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों ने धरना प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के चारों लोकसभा सांसदों और राज्यसभा के सांसदों को भी ज्ञापन भेजा गया ।
हमीरपुर में एकत्रित हुए पूर्व सैनिकों ने कहा कि लंबे समय से पूर्व सैनिक वर्ग से जुड़ी हुई पेंशन, पारिवारिक पेंशन, डिसेबिलिटी पेंशन, जैसे विषयों में कई प्रकार की विसंगतियां चली आ रही है, जिस के कारण पूर्व सैनिकों को आंदोलन और धरने-प्रदर्शन हेतु विवश होना पड़ा हैं। धरने को लगभग 70 दिन होने के बावजूद सरकार की ओर से संज्ञान नहीं लिया जा रहा, जिस से हमारा पूर्व सैनिक वर्ग और उनके परिजन मायूस और निराश हैं।
उन्होंने सांसदों से जे.सी. ओ. व जवानों की मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर उन्हें जल्द पूरा करवाने की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश की सेवा में अपना समय गुजारा है और उनकी मांगों पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए नहीं तो पूर्व सैनिकों को अपने आंदोलन को उग्र करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी ।
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन के प्रदेश महासचिव कैप्टन रमेश कटवाल ने कहा कि पूर्व सैनिक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर बार-बार सरकार को ज्ञापन भेज रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कोई भी कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक अनुशासनात्मक रवैया अपनाते हुए अपनी मांगों को लेकर आगे भी इसी तरह आंदोलन अपना जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि आज इस धरने के माध्यम से एक बार फिर से लोकसभा व राज्यसभा के हिमाचल प्रदेश के सांसदों को ज्ञापन भेजा गया है ताकि वे उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठा सकें।
बता दें कि पूर्व सैनिकों ने 3 अप्रैल 2023 को हजारों संगठनों की ओर से अपने-अपने जिलाधीश के माध्यम से मांगों का ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा था और 16 अप्रैल एन. डी. तिवारी भवन, उपाध्याय मार्ग दिल्ली पर जे.सी. ओ. व जवानों के सैंकड़ों संगठनों ने एक संयुक्त मंच “फेडरेशन ऑफ वेटर्नस एसोसिएशन” (पंजीकरण प्रक्रियाधीन) का गठन कर संयुक्त रूप से आन्दोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लेकर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन शुरू किया हैं।
