भाजपा नेताओं ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल की सरकार थी तो हिमाचल प्रदेश में केवल 27000 करोड का कर्ज था । उसके उपरांत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार का कार्यकाल खत्म हुआ तो हिमाचल प्रदेश पर 55000 का कर था।जब पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने वर्तमान कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी तो हिमाचल प्रदेश पर 69000 करोड़ का कर्ज था और जो कर्ज जयराम ठाकुर सरकार ने लिया उसमें से 14000 करोड तो पिछली सरकार के ऋणों की भरपाई में ही चले गए। उन्होंने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने सत्ता संभाली है तब से अब तक इस सरकार ने 4500 करोड़ का ऋण ले लिया है । दिसंबर माह में इस सरकार ने 1000 करोड़, जनवरी माह में 1500 करोड़ और अब फरवरी माह में 2000 करोड़ का ऋण ले लिया है । ऐसे में सरकार प्रतिदिन 30 करोड का लोन ले रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है, तब से हिमाचल प्रदेश में विकास ठप हो गया है। राज्य सरकार स्कूलों में एनटीटी की भर्तियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे है। इस कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा 47.5 करोड का बजट हिमाचल प्रदेश को दिया गया था और इसके ऊपर अभी इस सरकार ने कोई भी ठोस निर्णय नहीं किया है। अगर इसी प्रकार से सरकार काम करती रही तो यह बजट जल्द ही लेप्स हो जाएगा।
भाजपा में किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं
भाजपा नेताओं ने कहा कि भाजपा में किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। अगर गुटबाजी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है तो वह केवल कांग्रेस पार्टी में दिखाई दे रही है कांग्रेसी पार्टी अभी भी कई गुटो में विभाजित दिखाई दे रही है।
