ऊना (राकेश): हिमाचल प्रदेश में चुनावी दस्तक के बीच एक तरफ जहां तमाम राजनीतिक दल चुनावी मोड में आ चुके हैं और सभी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से जनता को लुभाने का पूरा प्रयास कर रहे है। तो वहीं इस चुनावी दौर में पूर्व अर्धसैनिक बलों ने भी सरकार से अपनी मांगों की अनदेखी पर नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अब अगर मांगों पर गौर नहीं किया जाता है तो वह अपने उम्मीदवार इस चुनाव ने उतारेंगे। मंगलवार को ऊना में अर्ध सैनिक संगठन ने अपनी नाराज़गी को ज़ाहिर करते हुए एक रोष रैली निकाली।
इस रोष रैली में अर्धसैनिक बलों की लगभग सभी यूनिट्स के पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। इन अर्धसैनिक बलों के संगठनों ने बताया कि देश के लिए कुर्बानी देने वाले अर्धसैनिक बलों की केंद्र और राज्य सरकारें उपेक्षा करती आई है। वीके शर्मा अध्यक्ष पूर्व अर्धसैनिक बल संगठन हिमाचल प्रदेश ने बताया कि सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए सभी प्रकार की सुविधाओं में भी एकरूपता नहीं है।
उन्होंने सैनिक कैंटीन में अर्ध सैनिक बलों के लिए जीएसटी लगाए जाने को एक गलत निर्णय बताते हुए इसे हटाए जाने की मांग उठाई तो वहीं अर्ध सैनिक संगठन ने अर्ध सैनिकों के लिए प्रदेश में अन्य राज्यों की तरह एक अलग से कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाने की भी मांग भी सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने कहा किपूर्व अर्ध सैनिक बल संगठन मुख्यमंत्री के पेंशन के लिए चुनाव लड़ने वाले एक पूर्व बयान से भी खासे नाराज है । उन्होंने साफ तौर कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो आने वाले विधानसभा चुनावों में अपने संगठन की तरफ से चुनावी उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे।
