राहुल चावला, धर्मशाला: लंबे समय से गग्गल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को लेकर चल रहे विवादों के बीच अब इस एयरपोर्ट का विस्तारीकरण होना तय हैं। गगल हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर जिला प्रशासन ने जमीन फाइनल कर ली हैं। इसके तहत कांगड़ा और शाहपुर उपमंडलों से कुल 41 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित की हैं। इसके अलावा कांगड़ा, शाहपुर व धर्मशाला उपमंडलों से पीडब्ल्यूडी ने कुल 339 भवन भी इसके लिए चिन्हित किए हैं। जमीन की बात करें तो अकेले कांगड़ा उपमंडल से कुल 35 हेक्टेयर जमीन विस्तारीकरण के दायरे में आई हैं।
डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि कांगड़ा सब डिवीजन से आने वाली जमीन के 23 हेक्टेयर प्राइवेट लैंड के होंगे। इसी तरह शाहपुर एरिया से एयरपोर्ट में आने वाली जमीन के कुल 6.39 हेक्टेयर में से 2.44 हेक्टेयर प्राइवेट लैंड होंगी। सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन का प्रभावितों में 223 करेाड़ रुपए मुआवजा बांटा जाएगा। यह तो रही जमीन की बात, अब भवनों की बात करें, तो एयरपोर्ट के विस्तार में पीडब्ल्यूडी ने 339 भवनों में से सबसे ज्यादा कांगड़ा मेें आईडेंटिफाइड किए हैं।
कांगड़ा से कुल 177 भवन एयरपोर्ट की जद में आएंगे। दायरे में आने वाले भवनों में दूसरे स्थान पर धर्मशाला क्षेत्र प्रभावित होगा। धर्मशाला के कुल 155 भवन एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के दायरे में आ रहे हैं। शाहपुर से सिर्फ सात भवन दायरे में आए हैं। इन भवनों के मालिकों में कुल 62 करोड़ रुपए मुआवजा बांटा जाना हैं बहरहाल कांगड़ा एयरपोर्ट को लेकर यह अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा हैं।
कम विजिबिलिटी में भी उड़ानें
मौजूदा समय में एयरपोर्ट की पट्टी की लंबाई 1376 मीटर है। इस कारण बड़े विमान टेक ऑफ नहीं कर पातेे हैं। अब एयरपोर्ट की दो चरणों में एक्सपेंशन होगी। इसके तहत पहले चरण में 1900 मीटर तक पट्टी का विस्तार होगा। दूसरे चरण में इसे 3100 मीटर किया जाना है। विस्तार के बाद कम विजिबिलिटी में भी उड़ानें संभव हो पाएंगी।
रनवे पर खर्च होंगे 350 करोड़
एयरपोर्ट के रन वे पर ही 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मांझी खड्ड को कवर करने के लिए सीडब्ल्यूपीआरएस पुणे की टीम ने यहां दौरे किए हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों से डिटेल ली है। यह डिटेल सरकार को भेजी जाने वाली है। इस कार्य में टूरिज्म विभाग का भी अहम रोल है।
