भावना शर्मा(TSN) : प्रदेश से बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने की दिशा में प्रदेश सरकार काम रही हैं। इसके लिए जहां युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करवाए जा रहे हैं, तो वहीं बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने को लेकर प्रयास भी सरकार कर रही हैं। सरकार की ओर से तरह-तरह की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिससे युवा स्वरोजगार जुटा कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हो सके।
इसी कड़ी में प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश राजीव गांधी स्वरोजगार योजना (Rajiv Gandhi Self Employment Scheme) की शुरुआत की गई हैं। योजना की शुरुवात इसी वर्ष 2030 में की गई हैं,जिसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना हैं। यह आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में देने का निर्णय इस योजना के तहत प्रदेश सरकार ने लिया हैं।
सरकार की ओर से इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मदद की जाएगी। सरकार की ओर से बहुत से विकल्प इस योजना के तहत युवाओं के समक्ष रखे गए हैं। युवा अपनी रुचि के अनुसार इनका चयन कर सकते हैं। योजना में सरकार की ओर से 60 लाख तक के उपकरणों पर 25 फ़ीसदी अनुदान मुहैया करवाया जाएगा। वही युवाओं को ई वाहन ने खरीद का भी विकल्प योजना में दिया गया हैं। इससे सरकार प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में युवाओं को भी भागीदार सुनिश्चित कर रही हैं।
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत सरकार की ओर से प्रदेश के युवाओं को अपना नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी। स्टार्टअप शुरू करने के लिए जितना खर्च आएगा उसकी 50 फ़ीसदी राशि सरकार की ओर से खर्च की जाएगी। योजना के तहत किस तरह के स्टार्टअप युवा शुरू कर सकते हैं और किस स्टार्टअप पर सरकार की ओर से 50 फ़ीसदी अनुदान दिया जाएगा यह भी पहले ही तय किया गया हैं। सरकार की ओर से युवाओं को मत्स्य पालन परियोजना लगाने, दंत चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली मशीन और उपकरण खरीदने,ई टैक्सी,ई बसों ओर यहां तक कि ई ट्रकों को खरीद ओर एक मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने पर अनुदान देने का प्रावधान किया गया हैं।
Benifit of the scheme
राजीव गांधी सब रोजगार योजना के तहत युवाओं को सरकार की ओर से जिन व्यवसाय और उपकरणों के लिए अनुदान दिया जाएगा उसमें ई बसों की खरीद पर 50 फीसदी अनुदान। ई ट्रक पर 50 फीसदी, ई टैक्सी की खरीद पर भी 50 फ़ीसदी, 1 मेगा वाट के सोलर पावर प्रोजेक्ट को लगाने के लिए 40 फ़ीसदी अनुदान, मछली पालन युनिट लगाने के लिए 35 फीसदी तक अनुदान तो वहीं डेंटल मशीनरी ओर उपकरणों की खरीद के लिए भी सरकार की ओर से 25 से 35 फ़ीसदी अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत अलग-अलग वर्गों के लिए अनुदान की प्रतिशतता तय की गई है जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति के लिए 30 फ़ीसदी, महिला/दिव्यांगो के लिए 35 फ़ीसदी, सामान्य वर्ग के लिए 25 फ़ीसदी अनुदान का प्रावधान किया गया हैं।
Eligibility criteria for the scheme
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना की योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता का 18 वर्ष से अधिक आयु का होना आवश्यक हैं। वह हिमाचल का निवासी होना चाहिए तभी उसे योजना के तहत तय लाभ प्राप्त हो सकेंगे। आवेदक का बैंक खाता होना भी आवश्यक हैं।
Required Documents Of The Scheme
बैंक खाता
आधार कार्ड
हिमाचली बोनिफाइएड सर्टिफिकेट
आय प्रमाण पत्र
मोबाईल नंबर
आयु प्रमाण पत्र
उपकरणों के बिल
पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
How to apply
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन करता ऑनलाइन और ऑफलाइन है दोनों ही माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं हालांकि अभी सरकार की ओर से इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट शुरू नहीं की गई हैं।जल्द ही सरकार अपनी इस योजना को शुरू करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट शुरू करेगी। इसके बाद युवा ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया को शुरू कर सकते हैं।
