हमीरपुर (अरविंदर सिंह): दुमका में हुई एक नाबालिग हिंदू बेटी अंकिता सिंह की जघन्य हत्या के विरोध में लाडली फाउंडेशन हमीरपुर ने एक ज्ञापन अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल को भेजा है। फाउंडेशन की तरफ से आई महिलाओं ने कहा कि झारखंड में इस प्रकार की घटनाएं आए दिन हो रही हैं, परंतु झारखंड की पुलिस, प्रशासन व सरकार इस पर ढुलमुल रवैया अपनाकर सदैव लीपापोती करने में प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में हिंदुओं का बहुत तेजी से जबरन धर्मांतरण करवाया जा रहा है। इसके विरूद्ध झारखंड सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है। झारखंड में ईसाई मिशनरी ओर इस्लामिक कट्टरपंथी हिंदुओं के जबरन धर्मांतरण का एक अभियान चलाए हुए है। इसे परोक्ष रूप से झारखंड सरकार का भी समर्थन प्राप्त है। झारंखड सरकार हिंदुओं के अधिकारों का रक्षण करने में पूर्णतया विफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत में रहते हुए भारत के मूलनिवासी हिंदुओं के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
लाडली फाउंडेशन की सदस्यों ने मांग करते हुए कहा कि दुमका की बेटी अंकिता सिंह की जघन्य हत्या के अपराधी शाहरूख हुसैन ओर छोटू पर फास्टट्रैक न्यायालय में ट्रायल किया जाए ओर तीन महीने की निश्चित समयावधि के अंदर हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। इससे अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में एक कड़ा संदेश जाए ओर कानून का भय का भाव उत्पन्न हो। फाउंडेशन ने मांग की है कि जांच दल के सदस्य पुलिस उपाधीक्षक नूर मुस्तफा अपराधियों को बचाने के लिए नाबालिग लड़की को बालिग दिखाकर अपराधियों को बचाने के लिए किए गए अपरोध के लिए तुरंत प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त किया जाए।
