राकेश,ऊना:बड़े बुजुर्ग कहते है होनहार बिरवान के होत चिकने पात, अर्थात जिसमें कुछ कर जाने की गुणवत्ता हो वो बचपन में ही दिख जाती है। ऐसा ही होनहार बच्चा हिमाचल का दो वर्षीय युवान अत्री है जिसका संबंध ऊना ओर शिमला हैं। ऊना के रक्कड़ कलोनी में युवान का ननीहाल है, शिमला में उसके दादा-दादी रहते है और चंडीगढ़ के मोहाली में पिता देवज्ञ अत्री जॉब करते हैं।
बता दें कि युवान मात्र दो वर्ष का हैं जिसने इतनी कम आयु में इंडिया वर्ल्ड रिकार्ड संस्था में अपना नाम दर्ज करवाया हैं। जहां संस्था ने युवान का ऑनलाइन टेस्ट लिया जिसमें युवान ने 62 गाड़ियों के नाम महज गाड़ी का लोगों देखकर गाड़ी का नाम बताया। युवान की खास बात यह है कि युवान गाड़ी का लोगो देखकर गाड़ी का मार्क बता देता हैं कि कौन सी गाड़ी हैं जिस कारण युवान का नाम वर्ल्ड रिकार्ड में आया हैं।
इससे पहले यह रिकॉर्ड कर्नाटक के तीन साल के बच्चे के नाम था जिसने अपना नाम वर्ल्ड रिकार्ड में 52 गाड़ियों के नाम बताकर दर्ज करवाया था। वहीं युवान ने यह काम महज दो साल की आयु में 62 गाड़ियों के नाम बताकर कर दिखाया हैं। युवान की इस कामयाबी पर युवान के दादा-दादी, नाना-नानी व माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं हैं।
हाल में युवान अपने ननीहाल रक्कड़ कलोनी के ग्रीन रेवन्यू में है जहां युवान और उसके माता-पिता, नाना-नानी को बधाईयां मिल रही हैं। युवान के पिता देवज्ञ अत्री व माता पायल अत्री ने बताया कि शुरू से ही युवान को गाड़ियों की फोटो और विड़ियों देखना बहुत पसंद था। इसलिए हमने जब युवान की गतिविधियों की और ध्यान देना शुरू किया और नोटिस किया कि युवान विडियों में गाड़ियों के लोगो देखकर गाड़ी की पहचान कर रहा है और जोकि सही हैं। तब हमने इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड व लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में अपलाई किया। जहां हमें इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड का जवाब आया और संस्था ने युवान का ऑनलाइन टेस्ट लिया जिसमें युवान ने 62 गाड़ियों के लोगो पहचान कर वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया हैं। अब युवान लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में टेस्ट देने के लिए तैयारी कर रहा हैं। ऐसे में युवान की इस उपलब्धि पर जहां लोग उनको बधाईयां दे रहे है तो उनको युवान पर गर्व हो रहा है कि युवान ने कम उम्र में ही यह सब कर दिखाया हैं।
