नाहन : देवेन्द्र कुमार – देश के हर हिस्से में होली पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । रंगो के इस पर्व को देश में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। ऐतिहासिक व् धार्मिक नगरी पांवटा साहिब में होला मोहल्ला उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
6 मार्च को गुरु नगरी में निकलेगा भव्य नगर कीर्तन
गुरु गोविंद सिंह द्वारा शुरु किए गए होला मोहल्ला को पांवटा साहिब में सदियों से मनाया जा रहा है ।जिसकी शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखी कौम में वीरता का रस भरने के लिए किया था। पांवटा साहिब में आज अखंड पाठ के साथ होला मोहल्ला शुरू होगा । जिसमे देश विदेश से सिख संगतें पांवटा साहिब पहुंच रही है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक सरदार जगीर सिंह ने बताया की होला मोहल्ला पर्व को लेकर 3 मार्च से लेकर 8 मार्च तक गुरुद्वारा पांवटा साहिब में कई कार्यक्रम आयोजित किये जाए पीगे। उन्होंने कहा कि 6 मार्च को पावटा साहिब में एक भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया जाएगा । जिसमें बड़ी संख्या में संगत पहुंचेगी साथ ही इसी दिन एक कवि दरबार का भी यहां पर आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से कवि पहुंचेंगे।
गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुसार अखंड पाठ के साथ होला मोहल्ला पर्व की शुरुआत की गई है और पांवटा साहिब में संगत पहुंचना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि सिख गुरु गोविंद सिंह जी ने पांवटा साहिब में होला मोहल्ला की परंपरा शुरू की थी जिसे आज भी बखूबी निभाया जा रहा है । उन्होंने कहा कि सिख गुरु गोविंद सिंह ने होली को वीरता का त्योहार बताया है और सिख समुदाय द्वारा इसको वीरता के त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है।
