संजीव महाजन,नूरपुर: पठानकोट मंडी फोरलेन सड़क निर्माण में प्रभावित 4 हजार परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने अपने नूरपुर दौरे में कोई घोषणा नहीं कि है। मुख्यमंत्री की ओर से फोरलेन प्रभावितों की मांगो को दरकिनार करने पर प्रभावितों में रोष है। वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नूरपुर दौरे को फ़्लॉप बताया ओर कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के बहुचर्चित परियोजना फोरेलन प्रभावितों के हितों को दर किनार कर अपने संबोधन में केवल अपनी पार्टी की खुद ही पीठ थपथपाई है।
सुदर्शन शर्मा ने कहा क़ि नूरपुर के चार हज़ार परिवार पठानकोट मंडी फ़ोरलेन सड़क निर्माण विस्तारीकरण की जद्द में आ रहे हैं। प्रभावितों की उम्मीदों पर मुख्यमंत्री पानी फेर गए है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा क़ि सड़के प्रदेश की भाग्य रेखाए होती है, लेकिन सरकार की ओर प्रदेश के करीब एक लाख परिवारों को कम मुआवज़ा देकर हिमाचल के लोगों के साथ बहुत ही बड़ा धोखा किया है जिससे आम जनमानस त्रस्त है और यह सड़क निर्माण मौजूदा सरकार के लिए भाग्यरेखा की बजाए वैतरणी नदी सिद्द होगा। उन्होने कहा की मुख्यमंत्री ने आज चौथे नूरपुर दौरे पर भी फ़ोरलेन मुद्दे को छूना भी मुनासिब नहीं समझा,जोकि समझ के परे है। अपने संबोधन में ज़िक्र तक करना भी उन्होंने उचित नहीं समझा, जिससे ज़ाहिर होता है क़ि मुख्यमंत्री की ओर से गठित फ़ोरलेन समाधान संबंधित तीन मंत्रियों की दो-दो कमेटियां भी मात्र शगूफा थी ।
प्रदेश प्रवक्ता ने बताया क़ि कैग की ओर से अपनी रिपोर्ट में नहाई को भूतल परिवहन मंत्रालय की ओर से 198 करोड़ रुपए की धनराशि प्रोजेक्ट के संचालन हेतु मंज़ूर कर भेजी थी, जिसमें सरकार बाध्य थी क़ि प्रोजेक्ट संचालन हेतु स्टाफ़ के रखरखाव का खर्चा तीन प्रतिशत वहन किया जाएगा जो 43 करोड़ बनता है लेकिन मौजूदा संबंधित विभाग ने संचालन पर 9 प्रतिशत खर्च कर दिया गया है जो क़ि एक सौ अठानवे करोड़ बनता है, जिसमें एक सौ पचपन करोड़ का खर्च अधिक किया गया हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या यह एक सौ करोड़ की धन राशि का लेखा जोखा विभाग पीड़ित प्रभावितों को उजागर करेगा ? उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट के माध्यम से बताया ज रहा है । इसमें लेशमात्र भी राजनीति नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इस तमाम मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार शवेतपत्र जारी करे ।
