नालागढ़/जगत सिंह: पंजाब में विदेशों में ज्यादा पैसों का लालच देकर युवाओं को एजेंटों द्वारा गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उनसे लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर उन्हें किसी अन्य जगह पर उतार कर ढोंकी लगाने के लिए छोड़ दिया जाता है और उसके बाद युवकों को विदेशों की जेलों में सड़ना पड़ता है। ताजा मामला नालागढ़ शहर के वार्ड नंबर 2 का है। राहुल नाम का व्यक्ति अपने तीन बच्चों के साथ रहता था और उसकी दूर की जान पहचान की एक पंजाब के खन्ना की महिला एजेंट ने उसे मलेशिया भेजने के नाम पर लाखों की ठगी की। यहां से पहले थाईलैंड के लिए टूरिस्ट वीजा पर भेजा और कहा गया कि वहां पर लोग आएंगे और उन्हें मलेशिया का वीजा देकर काम के लिए ले जाया जाएगा।

वहां पर एजेंट को ₹50000 दे देना बाकी की राशि पहले ही महिला एजेंट ने यहाँ उक्त व्यक्ति से अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। लेकिन पहले युवक 15 दिन के टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड पहुंचा और वहां पर 3 दिन रहने के बाद उसे उक्त लोगों द्वारा पैसे लेने के बाद मलेशिया के बॉर्डर पर छोड़ दिया । उसके साथ करीबन 32 व्यक्ति और भी थे जो कि बांग्लादेश, पाकिस्तान में अन्य देशों से आए थे लेकिन ना तो राहुल को वहां पर आए एजेंटों ने कोई वर्क वीजा दिया और ना ही उन्हें किसी कंपनी में छोड़ा । राहुल को मलेशिया के बॉर्डर पर छोड़ दिया गया और उसके बाद मलेशिया पुलिस ने 32 लोगों समेत राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया। गनीमत यह रही कि राहुल की पहचान के एक व्यक्ति जो मलेशिया में काम करता है, उसकी मदद से व्यक्ति से राहुल की जमानत व उसे छुड़वाने की गुहार लगाई। करीबन 3 लाख देकर पीड़ित राहुल को वापस भारत देश बुलवाया गया।
एजेंट महिला के खिलाफ पुलिस थाना में दी शिकायत
नालागढ़ पहुंचने पर राहुल व उसके परिवार वालों ने खन्ना की रहने वाली महिला एजेंट के खिलाफ पुलिस थाना नालागढ़ में शिकायत देकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही कहा गया है कि रोजी-रोटी की तलाश में युवा विदेशों की ओर जाते हैं लेकिन एजेंटों के चक्कर में आकर वह अपना लाखों रुपया बर्बाद कर लेते हैं । फिलहाल पीड़ित परिवार ने आरोपी महिला एजेंट के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
40,000 सैलरी देने का दिया झांसा
इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल व उसके परिवार वालों का कहना है कि खन्ना की रहने वाली एक महिला एजेंट पर भरोसा करने के बाद उन्होंने राहुल को मलेशिया भेजने का फैसला किया था । जहां पर उस महिला ने कहा था कि राहुल को ₹40000 सैलरी दी जाएगी और 2 साल का उसका वर्क विजा होगा। पहले उसे थाईलैंड भेजा जाएगा और उसके बाद उसे लेने के लिए उनकी टीम के लोग मलेशिया का वर्क वीजा लेकर उनसे मिलेंगे और उन्हें कंपनी में छोड़ देंगे लेकिन थाईलैंड में लोग तो उनसे मिलने आए लेकिन उनके द्वारा ना तो मलेशिया का वर्क वीजा दिया गया और ना ही उन्हें किसी कंपनी में छोड़ा गया। उल्टा ढोंकी लगाकर उन्हें मलेशिया के बॉर्डर पर छोड़ दिया गया, जहां से मलेशिया पुलिस ने राहुल समेत 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
