केलांग (सचिन शर्मा): पतलीकूहल में एसीसी-हिम इकोब्रिक्स के नए प्लांट ग्रीन बिल्ड़िंग सेंटर स्थापित किया गया है जिसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने किया। इस अवसर पर गोविंद ठाकुर ने कहा की कुल्लु में ही कई लाख ईंटो की प्रतिदिन ख़पत है, जिसके लिए क्षेत्र के लोग बाहर की राज्यों की पारंपरिक लाल ईंटो पर निर्भर रहते है। लाल ईंट के भट्टटों की ईंट महंगी होती है व इस व्यसाय के अनियंत्रित, अनियमित होने के कारण सरकार को भी टैक्स का कोई विशेष लाभ नहीं होता। यह जिस मिट्टी से बनती है वह उपजाऊ मिट्टी होने से कृषि भूमि की कमी होती है जोकि भविष्य के लिए एक और ख़तरा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ईंट भट्टे से प्रदूषण भी होता है और इनकी गुणवत्ता भी बहुत बढ़िया नहीं होती है जिनके परिवहन के दौरान भी प्रदूषण होता है।
उन्होंने बताया कि हिम इकोब्रिक्स में पर्यावरण मित्र तकनीक का प्रयोग होता है, जिससे कि ईंट ज़्यादा गुणवत्ता की बनती है, इसकी लागत भी बहुत कम रहती है। इसके निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक के प्लांट का प्रयोग किया जाता है, जिससे कि प्रदूषण भी नहीं होता। बजरी, रेत, ओपीसी सीमेंट के मिश्रण से इन ईंटो का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नए एवं पर्यावरणमित्र उद्योगों से यहां के स्थानीय युवाओं को रोज़गार मिलने से गांवों के युवकों का रोज़गार के लिए शहरों को होने वाला पलायन भी रुकेगा साथ यहां की ईंटो की मांग भी पूरी होगी, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ होता है। साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी होती है।
एसीसी-हिम इकोब्रिक्स के संस्थापक -मालिक अनिल सकलानी ने मुख्यातिथि स्वागत संबोधन करते हुए इस आद्योगिक इकाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार के समस्त परियोजना में लाल ईंट का प्रयोग वर्जित है। राजेंद्र सिंह ने मुख्यातिथि का पारंपरिक सम्मान व अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर एसीसी के जीबीसी आल इंडिया हेड दानिश राशिद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
