Hamirpur, Arvind Singh- प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना हमीरपुर जिले के सैकड़ों बच्चों के लिए आशा की किरण साबित हो रही है। बीते दो वर्षों में इस योजना ने 1600 से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया है। पहले जहां बच्चों को मासिक ₹500 की सहायता मिलती थी, अब यह राशि बढ़ाकर ₹1000 कर दी गई है, जिससे बच्चों की शिक्षा में सहायता और भी सशक्त हुई है।
दो वर्षों में 1600 से अधिक बच्चों को मिला लाभ
वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून माह तक कुल 559 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। पिछले दो वर्षों में इस योजना पर अब तक ₹44 लाख से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। सरकार की ओर से हमीरपुर जिले के लिए कुल ₹2 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है।यह योजना विशेष रूप से उन सेमी-ऑर्फन (अर्ध-अनाथ) बच्चों के लिए चलाई जा रही है, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है या जिनका पालन-पोषण एकल अभिभावक द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा पूर्णतः अनाथ बच्चों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
विशेषकर महिलाओं के लिए यह योजना एक राहत की सांस लेकर आई है, क्योंकि वे अब अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखने में सक्षम हो पाई हैं। वर्ष 2024 में हमीरपुर जिले के 1094 बच्चों को इसका लाभ प्राप्त हुआ, वहीं 2025 में अब तक 559 बच्चे इस योजना से जुड़ चुके हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, अनिल कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र बच्चों के बैंक खातों में सीधे मासिक ₹1000 की राशि जमा की जाती है, जिससे उनकी शैक्षणिक जरूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिल रहा है जो इसकी शर्तों के अनुरूप पात्र हैं।यह योजना प्रदेश सरकार की एक संवेदनशील पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य वंचित बच्चों को शिक्षा का अवसर देना और उनके भविष्य को सशक्त बनाना है।
