शिमला : कमल भारद्वाज ( TNS)- बीते शनिवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वी बैठक हुई । इसमें हिमाचल का पक्ष रखने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान पहुंचे थे । शिमला लौटने पर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल की ओर से ईएनए पर जीएसटी हटाने का अनुरोध किया गया था, जिसे जीएसटी काउंसिल ने स्वीकार किया है । इसके अलावा सेब कॉटन पर 18% जीएसटी को कम करने की भी मांग रखी थी, जिस पर वित मंत्री निर्मला सीतारमण पुनर्विचार के निर्देश दिए हैं । इस दौरान उद्योग मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से प्रदेश के लिए आर्थिक सहायता की भी मांग रखी । शिमला लौटने पर हर्षवर्धन चौहान ने जातिगत जनगणना और चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना जमकर ह+मला बोला ।
जातिगत जनगणना को लेकर हर्षवर्धन का बीजेपी पर ह+मला
जातिगत जनगणना को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सीडब्लूयुसी की बैठक में जातीय आधार पर जनगणना फ़ैसला लिया गया है और यह देश की जरुरत है ।उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने तो जातियों में बताकर ही सट्टा पाई है और बीजेपी की डिविडेंड रूल की पॉलिसी है । हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि समय से जनगणना नहीं हुई । वही हर्षवर्धन चौहान ने महिला आरक्षण को भी शगुफा बताया और कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर महिलाओं के साथ भद्दा मजाक किया है और आने वाले पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सब साफ कर देंगे ।
चुनाव जीतने के लिए सब आखरी साल में किया
वहीं आगामी पांच राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के बहाने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पूर्व भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया । उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी । उन्होंने चुनाव आयोग के फ्री बिज़ पर रोक लगाने की फैसला का स्वागत करते हुए पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा । हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकारें 5 साल के लिए चुनी जाती है,लेकिन पूर्व जयराम सरकार की तरह उन्होंने 5 साल के कार्यकाल में कुछ नहीं किया और आखिरी साल में चुनाव जीतने के लिए 900 संस्थान खोल डाले, 5000 करोड़ की देनदारियां खड़ी कर दी और 8 करोड़ की HRTC की देनदारी भी नहीं चुकाई ।
