कुल्लू/मनमिंद्र अरोड़ा-हिमाचल प्रदेश में बरमाणा व दाड़लाघाट में सीमेंट कंपनियों को बंद करने के आदेश को लेकर इंटर के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वही मुख्यमंत्री व राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री व राज्यपाल को भेजा जाएगा ज्ञापन
जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश में इंटक के कन्वीनर महिमन चंद्र ने बताया कि बरमाना व दाड़लाघाट में सीमेंट कंपनियों के बंद होने से 15,000 से अधिक परिवार प्रभावित होंगे। जबकि इससे जुड़े हुए अन्य हजारों लोग भी बेरोजगार होंगे। ऐसे में पहले इंटक के द्वारा हिमाचल प्रदेश के जिला स्तर पर डीसी के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे जाएंगे। उसके बाद भी अगर कंपनी की मनमानी नहीं रुकी तो जिला स्तर पर धरने प्रदर्शन का भी आयोजन किया जाएगा। महिमन चंद्र ने बताया कि इससे पहले भी अदानी ग्रुप कई कंपनी को खरीद चुका है और उसके बाद कंपनियों को घाटे में बताकर सरकारों को ब्लैकमेल करने का भी काम कर चुका है। लेकिन हिमाचल प्रदेश में इनकी मनमानी को सहन नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों के साथ भी की जाएगी चर्चा
इंटक के प्रदेश कन्वीनर महिमन चंद्र ने बताया कि यहां पर सालों से हजारों कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। अगर इस तरह से तानाशाही फरमान लागू कर दिया जाता है तो हजारों परिवारों पर इसका बुरा असर होगा। महिमन चंद्र का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में इंटक लगातार कर्मचारी हितों को लेकर काम कर रही है और वह कर्मचारी चाहे सरकारी क्षेत्र में हो या निजी क्षेत्र में, उनकी आवाज को दबाने नहीं दिया जाएगा। ऐसे में अदानी ग्रुप के द्वारा अगर आने वाले दिनों में अपने फैसले को नहीं बदला गया। तो प्रदेश में इंटक के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं इसी मसले को लेकर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की जाएगी।
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