मंडी/परी शर्मा – हिमाचल प्रदेश के जिला मण्डी के नस्लोह गाँव की तीन महीने पहले एक बच्ची का जन्म हुआ जो सांस लेने में अक्षम है। रव्या के ईलाज के लिए माता पिता लाखों रुपयें खर्च चुके है उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। बेटी एक गरीब घर से संबंध रखती हैं और पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। जितने भी रुपए कमाए सब धीरे-धीरे खत्म हो गए और अब बच्ची का हफ्ते के बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इलाज होता है । दिहाड़ी लगाकर भी बच्ची का हफ्ते का इलाज करवाने के लिए रुपए इकट्ठे नहीं हो सकते है । इलाज के लिए लगभग 10 से 15 हजार का खर्चा होता है।
आर्थिक मदद की गुहार पर लोगों ने खातें में भेजे रुपयें
वहीं जब स्माइल हिमाचल संस्था को इस बारे में जानकारी मिली तो स्माईल हिमाचल एनजीओ के चेयरमैन निखिल वालिया परिजनों से मिलने उनके घर गए और उनके सहयोग की ठानी। उन्होंने बताया कि उन्हे राव्या के बारे में उनके दोस्त से जानकारी मिली थी। जिसके बाद उन्होने सहयोग के लिए लोगों से अपील भी की। उन्होने बताया कि जिस मां के खाते में 50 से 100 रुपयें थे आज उस मां के खाते में 15 से 16 लाख रुपयें इकठा हुआ है। इसके अलावा स्माईल हिमाचल एनजीओ के खाते में भी 6 से 7 लाख रुपयें का डोनेशन लोगों ने किया है।
राव्या की माँ का कहना ये
राव्या की मां ने बताया कि बच्ची को इलाज के लिए चंडीगढ़ ले गए जंहा उसके इलाज के लिए डॉक्टरों ने ढ़िलाई दिखाई, लेकिन जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने बच्ची का ऑपरेशन किया। वैसे तो एक साल के बच्चे के इलाज के लिए कोई खर्च नही आता लेकिन राव्या को सांस लेने में परेशानी है । इसके लिए डॉक्टरों ने परिजनों को टयूब को बाहर से खरीदने को कहा जिस पर उन्होने राव्या के लिए बाहर से टयूब खरीदी। हर सप्ताह राव्या की टयूब को बदला जाता है । पहली ट्यूब का खर्च 28 हजार आया जबकि दूसरी टयूब उन्होंने डिस्काउंट के साथ 31 हजार की खरीदी।
मदद के लिए सभी लोगों का जताया आभार
निखिल वालिया ने आर्थिक मदद के लिए उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होने सहयोग किया है। उन्होने ये भी बताया कि सबसे बड़ा डोनेशन किसी ने एक लाख एक हजार का किया गया है। निखिल वालिया ने सभी से आग्रह भी किया कि अब लोग रुपयें ना भेजे क्योकि जितने पैसे की आवश्याकता परिजनों को थी उससे ज्यादा पैसा इक्ठा हो गया है इसलिए डौनेशन ना दे अब लोग बच्ची की लंबी उम्र, उसके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करे।
