संजीव महाजन,नूरपुर: आज के युग में इंसान अपनी इंसानियत को भूलता जा रहा हैं। जिस मां का अपने बच्चों के साथ गहरा रिश्ता होता हैं वह मां भी इस तरह की हरकतों पर उतर आई है कि उसने 5 साल तक की मासूम बच्ची को भी उबलते हुए पानी से जला डाला हैं। जी हां मामला लोहारपुरा पंचायत के वासा गांव का है जहां एक सौतेली मां साहनो देवी जिसकी उम्र 30 वर्ष है ने अपनी 5 वर्षीय बच्ची पर उबलता पानी डालकर कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मां की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। बच्ची पर गर्म पानी डालने के बाद इस महिला ने बच्ची को घने जंगल में छोड़ दिया और बाद में उसके गुम होने का पूरा नाटक भी रच डाला।
उक्त बच्ची की स्थिति नाजुक बनी हुई हैं। वहीं बच्ची का अच्छे डॉक्टर से इलाज न करवा कर घरेलू नुख्से करतें रहें ताकि अपने किए हुए अपराध को छुपाया जा सकें। वह तो बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि उसके घयाल होने का समाचार कुछ दिनों बाद जैसे ही वासा गांव की वार्ड सदस्य को कुसुम को मिला तो उसने इसकी जानकारी पंचायत प्रधान कृष्ण हरि को दी इसके बाद प्रधान को वार्ड सदस्य की ओर से बच्ची को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर ले जाया गया जहां बच्ची का इलाज चल रहा हैं।
हैरानी की बात हैं की 7 दिन तक बच्ची तड़पती,चिल्लाती रही पर बच्ची की आवाज़ को सुनने वाला कोई नहीं था। शनिवार को सारी घटना की मिडिया की ओर से गहनता से गांव से लेकर अस्पताल तक तफ़्तीश की गई और सच्चाई को सामने लाया गया। वहीं साहनो जिसने बच्ची को गर्म पानी से जलाया है ने अपना जुर्म कबूल किया हैं।
लोहारपुरा पंचायत प्रधान कृष्ण हीर ने बताया की उन्हें वार्ड सदस्य कुसुम की ओर से सारी घटना की जानकारी दी गई थी। मौके पर पाया गया कि बच्ची की हालत नाजुक हैं। बच्ची को तुरंत नूरपुर के सिविल अस्पताल लाया गया, यहां पर बच्ची का ईलाज चल रहा हैं। कृष्ण हीर ने पुलिस प्रशासन से मांग की हैं की बच्ची के साथ अत्याचार करने वालों को किसी भी तरह से बख्शा न जाए!
वहीं वासा गांव वार्ड न 5 की वार्ड सदस्य कुसुम ने बताया की उन्हें जैसे ही बच्ची के बारे मे जानकारी मिली वे तुरंत साहनो के घर पहुंचे। वहां उन्होंने पाया की बच्ची घायल अवस्था में जख्मों को सहन करती हुई तड़प रही थी। कुसुम ने कहा की मैंने तुरंत इसकी जानकारी पंचायत प्रधान कृष्ण हीर को दी और बच्ची को नूरपुर अस्पताल पहुंचाया। यहां बच्ची का ईलाज चल रहा हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पुलिस प्रशासन से मांग हैं की दोषियों को छोड़ा ना जाए।
वहीं से पूरी घटना को अंजाम देने वाली साहनो ने अपने जुर्म को छुपाने के लिए मनगढ़ंत कहानियां भी बना ली हैं। उसने कहा कि 7 दिन पहले जब वह दोपहर के समय गर्म पानी से बर्तन साफ कर रही थी जैसे ही उसने बचा हुआ पानी फैंका तो उसी समय अचानक बच्ची सामने आ गई और पानी उस पर गिर गया। उस समय बच्ची को कोलगेट लगाया व दवाई दी और बच्ची को जंगल मे ले गई। यहां पर बच्ची अचानक गुम हो गई। साहनो ने कहा की किसी के कहने पर उसने अपने पड़ोसी जीवन को फसाया ओर कहा की ये सबकुछ जीवन ने ही किया हैं।
वही गांव वालों का कहना हैं की साहनो देवी पहले भी इस बच्ची पर जुल्म करती थी। मारती थी पीटती थी।अगर गांव में से कोई भी कुछ बोले तो गाली गलोच पर उतर आती थी। गांव वालों का कहना हैं की साहनो देवी को ऐसे नहीं छोड़ना चाहिए। पुलिस की ओर से साहनो पर उचित कार्रवाई कर सलाखो के पीछे डाल देना चाहिए, ताकि फिर कोई भी ऐसा घिनौना काम न करें। गांव के लोगों में पुलिस के प्रति रोष हैं की पुलिस ने साहनो को अभी तक खुला क्यों छोड़ रखा हैं।
