कुल्लू,मनमिंदर अरोड़ा(TSN)-प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने मनाली में नए रेस्टोरेंट के शुरू होने के पहले दिन परिवार और पर्यटकों के साथ एक खास शाम बिताई।मनाली में अपने रेस्टुरेंट के सपने को साकार होता देख कंगना बेहद खुश नजर आईं।इस मौके पर वह पारंपरिक लद्दाखी परिधान में नजर आईं,कंगना रनौत के रेस्टोरेंट में हिमाचली संस्कृति की झलक के साथ मायानगरी की छाप देखने को मिल रही है।रेस्टोरेंट में बैठने को बनाई कुर्सियां में हिमाचल की हस्तकला का प्रदर्शन किया गया है।360 डिग्री में बर्फ से ढकी पहाड़ियों से प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा देखने के साथ मुंबईया स्टाइल में शूटिंग कटिंग चाय का जायका मायानगरी का अहसास करवाएगा तो कुल्लू का सिड्डू, लाल चावल यहां के पुरातन व्यंजनों से रूबरू करवाएंगे। नेशनल हाइवे के साथ बने रेस्टोरेंट के स्वागत कक्षा में हिमाचली अंदाज में कर्मचारी विनम्रता के साथ स्वागत करेंगे। रेस्टोरेंट का भवन को भी काठकुणी लुक देने का प्रयास किया गया है।
कंगना ने कहा कि हिमाचली संस्कृति,खानपान को प्रमोट करना उनका मकसद है।कोई भी यहां आकर प्रकृति कि गोद में पढ़ सकता है, पेंटिंग बना सकता है।कंगना ने कहा कि इस रेस्टोरेंट को खोलने का मुख्य उद्देश्य हिमाचली संस्कृति और व्यंजनों को देश-विदेश तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा, “मैंने देश-विदेश में कई स्थानों की यात्रा की है– दक्षिण भारत, गुजरात,महाराष्ट्र, पंजाब और कई अन्य जगहों के पारंपरिक व्यंजन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।लेकिन हिमाचली भोजन को अब तक उतनी पहचान नहीं मिली है, जितनी मिलनी चाहिए। यही कारण है कि मैंने यह रेस्टोरेंट शुरू करने का फैसला किया।
सिड्डू और बड़ा पाव का खास जिक्र
कंगना ने आगे बताया कि उन्हें हिमाचली व्यंजन सिड्डू बेहद पसंद है,इसलिए इसे उनके रेस्टोरेंट के मेन्यू में खास जगह दी गई है। साथ ही,उन्होंने मुंबई में बिताए वर्षों को याद करते हुए कहा कि वहाँ का प्रसिद्ध बड़ा पाव भी इस रेस्टोरेंट के मेन्यू में शामिल किया गया है।उन्होंने कहा,“मुझे लगता है कि खाने से लोगों से जुड़ने का एक खास जरिया बनता है।”
रेस्टोरेंट को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स
हालांकि इस समय मनाली में ऑफ-सीजन है,फिर भी रेस्टोरेंट में स्थानीय लोगों और पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है।बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों ने भी इस मौके पर कंगना के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके इस नए कदम की सराहना की।
पारंपरिक परिधानों को भी दिलाएंगी पहचान
इस मौके पर कंगना ने लद्दाखी पारंपरिक परिधान गौंचा पहना था और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह वेशभूषा भी वैश्विक पहचान के लायक है।उन्होंने कहा,“हमारे देश में ऐसे अनगिनत कुशल कारीगर हैं,जो बेहतरीन पारंपरिक वस्त्र बनाते हैं,लेकिन दुर्भाग्य से भारत में ही लोग इनके बारे में बहुत कम जानते हैं।मेरा प्रयास रहेगा कि हमारी पारंपरिक वेशभूषा को भी वैश्विक पहचान मिले।”
