जयराम ठाकुर कैंची मोड़ से रोपवे के माध्यम से बाखली और कुकलाह पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा अभूतपूर्व है और सरकार को तुरंत राहत और रेस्क्यू कार्यों में तेजी लानी चाहिए।उन्होंने यह भी मांग की कि लोगों को राशन व अन्य जरूरी सामान ले जाने के लिए रोपवे का उपयोग करने की अनुमति दी जाए। साथ ही सराज के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी लोगों को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया:
ग्राम पंचायत सरोआ के उप प्रधान देवेंद्र राणा उर्फ पम्मी ने बताया कि भारी बारिश के चलते आई बाढ़ से मंदिर की सराय, नौ परिवारों के घर, बाखली और कुकलाह पुल, सड़कों के साथ-साथ कई वाहन और घरेलू सामान बह गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सिर्फ पटवारी ने मौका देखा है, पर कोई वरिष्ठ अधिकारी या राहत सामग्री नहीं पहुंची है। उन्होंने तत्काल टेंट, राशन और रहने की व्यवस्था करने की मांग की।
प्रभावित परिवारों की पीड़ा:
कुकलाह गांव के नौ परिवारों ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने घर और जीवनभर की कमाई को बहते देखा। वे बच्चों को लेकर किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अब ये परिवार अपने रिश्तेदारों या पड़ोसियों के घरों में शरण ले रहे हैं और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोग अभी भी अपने टूटे हुए घरों के पास बैठे हैं, उम्मीद में कि कोई अधिकारी आएगा और सहायता करेगा।गौरतलब है कि आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की दिशा में अब भी काफी काम किया जाना बाकी है। जयराम ठाकुर की मांगों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाज़ भी यह संकेत दे रही है कि क्षेत्र को तुरंत सरकारी हस्तक्षेप और सहायता की आवश्यकता है।
