सोलन (योगेश शर्मा): सोलन जिला में अब लंपी वायरस के मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है जिसको लेकर पशुपालन विभाग ने भी राहत की सांस ली है। जिला में अब तक लंपी वायरस की चपेट में 8638 पशु आ चुके हैं,लेकिन जिला में रिकवरी दर 60% तक पहुंच चुकी है। जिससे पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को ना घबराने की सलाह दी है।पशुपालन विभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ.बी.बी.गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह में लंपी वायरस के मामलों में जिला में गिरावट दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ माह में अब तक 8638 पशु इस बीमारी से ग्रसित हो चुके हैं। जिसमें से 5840 पशु ठीक भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला में अभी भी 3200 मामले लंपी वायरस के एक्टिव है, लेकिन पशुपालको को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में जिला में जहां 500 से 600 मामले रोजाना सामने आ रहे हैं, तो वहीं अब 250 से 300 मामले जिला में सामने आ रहे हैं। वहीं जिला में मौत का आंकड़ा भी दिन-प्रतिदिन घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते कल की अगर बात की जाए तो जिला में सिर्फ 18 पशुओं की लंपी वायरस से मौत हुई है।
पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सक से लें सलाह
डॉ.बी.बी.गुप्ता ने बताया कि लंपी वायरस की रोकथाम को लेकर लगातार पशुपालन विभाग द्वारा जागरूकता शिविर भी आयोजित की जा रहे है। उन्होंने कहा कि रोजाना जिला में 700 से 800 पशुओं का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वहीं अब तक जिला में 12000 पशुओं का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि यदि पशुओं में लंपी वायरस से सम्बंधित कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो वे पशु चिकित्सक से सलाह लें और उसका उपचार करवाएं।
