हमीरपुर, अरविंद-:जिला हमीरपुर के भोटा क्षेत्र में सामने आए चिट्टा तस्करी मामले की जांच में पुलिस को अहम सफलता मिली है। सदर थाना हमीरपुर की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए नशे की खेप उपलब्ध कराने के आरोप में बलविंद्र नामक व्यक्ति को पंजाब के खरड़ (मोहाली) से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। इसके साथ ही नशा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 जुलाई को उस समय दर्ज किया गया था जब भोटा क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पीएचसी भोटा के समीप गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर खड़ी एक टैक्सी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 5.40 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया। मौके से विकास कुमार निवासी बरोटी और निखिल निवासी सौर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया।रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बरामद चिट्टा मोहाली-चंडीगढ़ क्षेत्र से खरीदा गया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के बाद पुलिस टीम ने खरड़ में दबिश देकर कथित सप्लायर बलविंद्र को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना है।
पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि भोटा में दर्ज चिट्टा तस्करी मामले में यह एक महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि नशे की खेप मोहाली-चंडीगढ़ क्षेत्र से लाई गई थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है।एसपी ने कहा कि जिला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और इस मामले में भी किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं भी नशा तस्करी से संबंधित कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समाज को नशे के खतरे से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
