संजीव महाजन, नूरपुर: ज्वाली विधानसभा के नगरोटा सूरियां विकासखंड के तहत हरसर ग्राम पंचायत इन दिनों बहुत सुर्खियों में हैं। इसके पीछे का कारण लंबे समय से पंचायत में चल रही खींचातानी हैं, जिसके कारण मनरेगा कार्य ठप्प पड़े हुए हैं तो वहीं वार्ड नंबर 7 में मनरेगा का कार्य चला हुआ था जिसमें मनरेगा के 18 महिला कर्मचारी लगी हुए थी। यही महिला कर्मचारी शुक्रवार को मनरेगा काम बंद होने के विरोध में विकास खंड अधिकारी से मुलाकात करने पहुंची।
महिलाओं ने बताया कि हम सुबह से काम पर लगे थे और 9:00 बजे ऑनलाइन हाजिरी भी लगाई हैं, परंतु कुछ समय उपरांत ग्राम सेवक संजीव की ओर से कहा गया कि मिस्टौल वापिस कर दो क्योंकि यह काम नहीं होगा और आपको दिहाड़ी नहीं मिलेगी। मनरेगा कर्मचारियों ज्ञान देई, संध्या देवी,नीना देवी,शुक्ला देवी,सरोज कुमारी इत्यादि का कहना है कि हम गरीब परिवार से संबंध रखते हैं और यह मनरेगा केंद्र सरकार की ओर स्व गरीबों के लिए चलाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी हरसर पंचायत में तकरीबन 6 महीने से मनरेगा के कार्य बंद पड़े हैं,जिस कारण से हमारा गुजर-बसर करना बहुत ही मुश्किल हो गया हैं।
दूसरी तरफ पंचायत सैक्टरी विजय कुमार का कहना है कि सात नंबर वार्ड का मिस्टौल पिछले कल प्रधान ममता देवी के नाम से इशू हो चुका हैं।
हरसर प्रधान ममता देवी का कहना है कि पंचायत में दो ऐसे सदस्य हैं जो किसी का काम नहीं होने देते और अगर काम लगा हो तो उसे रुकवाने का प्रयास करते रहते हैं। मेरी उन लोगों से विनम्र प्रार्थना है कि कृपया पंचायत का काम ना रोके।
वहीं बीडीओ श्याम सिंह ने कहा कि पंचायत के ही एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि वार्ड सात में मनरेगा कार्य मे धांधली हुई हैं। एक दिन के लिए कार्य होल्ड किया गया हैं। शुक्रवार को एससीबीपीओ व पंचायत निरीक्षक पंचायत में जांच करेंगे और जांच के बाद ही मनरेगा कार्य शुरू किया जाएगा।
