Shimla, 14 December-:भारतीय चुनाव आयोग की यूथ आइकॉन, जानी-मानी दृष्टिबाधित गायिका और शिक्षाविद् मुस्कान नेगी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संगीत विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर वह प्रदेश की पहली शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित महिला बन गई हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है।
उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. मुस्कान नेगी ने यह शोध कार्य संगीत विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मृत्युंजय शर्मा के निर्देशन में पूर्ण किया। वर्तमान में वह शिमला स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सक्रिय संस्था उमंग फाउंडेशन की ब्रांड एंबेसडर भी हैं।
आरकेएमवी की प्रिंसिपल प्रो. अनुरिता सक्सेना ने डॉ. मुस्कान को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता छात्राओं के लिए प्रेरणादायी है। शोध निर्देशक डॉ. मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि एमए, एमफिल और पीएचडी के दौरान मुस्कान ने दृष्टिबाधा को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। ब्रेल सामग्री की सीमाओं के बीच उन्होंने टॉकिंग सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से ई-रिसोर्सेज का प्रभावी उपयोग कर शोध कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।डॉ. मुस्कान नेगी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता श्रीमती अंबिका देवी और श्री जयचंद को दिया, जिन्होंने बचपन से ही उन्हें पढ़ाई और संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने गुरुजनों, सहपाठियों और उमंग फाउंडेशन से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि मतदान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग ने उन्हें यूथ आइकॉन नियुक्त किया है। संगीत के क्षेत्र में उन्हें अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सम्मान मिल चुके हैं तथा वे देश-विदेश में अपनी प्रस्तुतियों से प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
