बीबीएन : जगत सिंह- नालागढ़ नगर परिषद द्वारा शहर में बनाए जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य इतनी कछुआ गति से चल रहा है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्यों के 7 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है । मात्र पिलर खड़े करने तक ही ठेकेदार का काम सिमट कर रह गया है। अब नगर परिषद द्वारा निर्मित करवाए जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर ठेकेदार व नगर परिषद नालागढ़ की कार्यशैली पर भी सवाल उठने शुरू हो चुके हैं।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स दो मंजिला भवन में बननी थी 65 दुकाने
बता दें कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का 25 मई 2016 को शिलान्यास होने के उपरांत इसके 1. 37 करोड के टेंडर किए गए थे । मई 2017 में शॉपिंग कंपलेक्स का निर्माण कार्य आरंभ करवाया गया था, लेकिन निर्माण कार्य के 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज दिन तक सिर्फ पिलरों तक ही काम सिमट गया है । जबकि परिषद ने इसके निर्माण के लिए 1 साल का समय रखा था, लेकिन परिषद इससे कंपलेक्स के 2 मंजिला भवन में 65 दुकानों का निर्माण करवाने वाली थी। जिसे शहर के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया होने थे और नगर परिषद को भी अब आय के रूप में इसका इजाफा होना था।
नगर परिषद नालागढ़ व ठेकेदार पर उठ रहे सवाल
परिषद ने बीते दिनों इस कार्य को युद्ध स्तर पर करवाने के लिए ठेकेदार को निर्देश भी दिए थे लेकिन यह कार्य आगे नहीं बढ़ सका। जिसके चलते अब नगर परिषद नालागढ़ व ठेकेदार पर भी स्थानीय लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। बता दें कि नगर परिषद ने 18 साल साल पहले इस प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था और करीब 14 साल पहले पुराने थाने के भवन को तोड़कर यहां पर जगह तो समतल कर दी गई थी, लेकिन इसके निर्माण की एक भी ईंट नहीं लग सकी दुकानों के निर्माण से बेरोजगारों को स्वरोजगार मिलेगा और नगर परिषद को किराए के रूप में आमदनी होनी थी लेकिन योजना अधर में लटकी हुई है। नगर परिषद की इस योजना के तहत इस शॉपिंग कंपलेक्स में 2 मंजिला भवन बनाया जाना था जिसमें 65 दुकानों का निर्माण कार्य होना था कांपलेक्स में टॉयलेट ब्लॉक का भी निर्माण होना था जबकि कंपलेक्स की प्रथम मंजिल तक जाने के लिए दो सीढ़ियों का भी निर्माण रखा गया था।
