मनमिन्दर अरोड़ा /कुल्लू- खेलें हमें शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाती है और अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़ना सिखाती हैं। खेलों के साथ -साथ पढ़ाई पर ध्यान देना और नशे से दूर रहने के संकल्प के साथ ही हम भविष्य में एक बेहतर नागरिक एवं इंसान बन सकते हैं। यह बात भाषा,कला-संस्कृति व शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिन्ह ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 47 वें महिला व पुरूष के क्रॉस कन्ट्री अन्तर महाविद्यालय दौड़ कार्यक्रम के समापन समारोह उपलक्ष्य में राजकीय महाविद्यालय हरीपुर में शिरकत करते हुए कही। उन्होंने कहा खेलों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है।
खेले हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं जो परस्पर प्रेम, भाईचारे और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करती हैं। खेलें हमें जीवन में संघर्ष करते हुए जीवन जीने की कला सिखाती हैं। खेलों को आज कैरियर के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी और पुरस्कृत किया।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों, प्रदेश के बाहर से टीमों के साथ आए टीम मैनेजर, कोच और अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में 41 महाविद्यालयों के लगभग 210 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि कुल्लू में कई नए स्कूलों को स्तरोन्नत किया गया है तथा कई नए स्कूल खोले गए हैं।ठाकुर ने जानकारी दी कि जगतसुख में संस्कृत महाविद्यालय खोलने के लिए 3 हेक्टेयर भूमि का चयन करने के साथ ही प्रारम्भ आवश्यक स्टाफ़ की भी नियुक्ति कर दी गई है। शीघ्र ही यहां नई शिक्षा नीति के अंर्तगत विभिन्न विषयों में पढ़ाई शुरू होगी जिसका लाभ कुल्लू सहित लाहौल- स्पीति के लोगों को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नग्गर में एक राष्ट्रीय स्तर का हॉटल प्रबन्ध संस्थान का कार्य भी शीघ्र ही शुरू किया जाएगा जो कि 40 बीघा भूमि पर बनकर तैयार होगा। इससे यहां के युवाओं को उच्च स्तर का होटल प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा।
