मंडी : धर्मवीर – मंडी से पंडोह के बीच फोरलेन का निर्माण कर रही केएमसी कंपनी पूरी लापरवाही के साथ काम करती हुई नजर आ रही है। आलम यह है कि 6 मील के पास 20 दिन का समय बीत जाने के बाद भी यहां आज दिन तक हाईवे को दोतरफा यातायात के लिए बहाल नहीं किया जा सका है। जबकि इस कार्य को करने के लिए कई बार ट्रैफिक जाम लिया जा चुका है।
बुधवार को तो कंपनी ने उस वक्त हद कर दी जब 6 मील के पास फिर से हाईवे बंद हो गया और मलबा हटाने के लिए मशीनरी तक नहीं भेजी। कंपनी की लापरवाही के कारण 12 घंटों तक हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह से बंद रहा। रात 1 बजे पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद यहां हाईवे बंद हुआ। प्रशासन की तरफ से केएमसी को सुबह साढ़े पांच बजे से मलबा हटाने का कार्य शुरू करने को कह दिया गया था, लेकिन कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी गहरी नींद सोए रहे। पुलिस ने जब हस्तक्षेप किया और दबाव डाला तब जाकर 8 बजे मशीनरी मौके पर पहुंचाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा सका। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हाईवे को यातायात के लिए बहाल किया जा सका, वो भी सिर्फ एकतरफा।
आरोप लग रहा है कि केएमसी कंपनी प्रबंधन 6 मील के पास मलबा हटाने के लिए पूरी ताकत नहीं झोंक रही है। आज भी यहां लगातार खतरा बना हुआ है और बार-बार भूस्खलन हो रहा है। इस खतरे के कारण पुलिस के 15 जवान यहां तैनात करने पड़े हैं। यदि यहां सड़क पूरी तरह से क्लीयर हो जाती है तो इन जवानों को किसी दूसरी जगह तैनात किया जा सकता है।
भविष्य में लापरवाही बरती तो दर्ज होगी एफआईआर
सदर थाना प्रभारी सकीनी कपूर ने कहा कि केएमसी कंपनी गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए है। अभी तक हाईवे को पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सका है। आज भी बार-बार बोलने के बाद मलबा हटाने का कार्य शुरू हो सका। कंपनी के खिलाफ बहुत से लोगों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। यदि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही बरती गई तो कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस के 15 जवान मौके पर तैनात हैं।
आपरेटर के देरी से आने के कारण हुई देरी
केएमसी कंपनी के जनरल मैनेजर एस.एम. नायडू ने कहा कि मलबा हटाने के लिए ठेकेदार की मशीनरी तैनात है। ठेकेदार को जो आपरेटर है वो सुबह देरी से पहुंचा जिस कारण मलबा हटाने के कार्य में थोड़ी देरी हुई। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। हाईवे को दोतरफा यातायात के लिए पूरी तरह से बहाल करने में मौसम बड़ी बाधा बन रहा है।
