संजु चौधरी,शिमला: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आउटसोर्स के तहत कार्यरत तीन कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव अपने घर मे कर्मचारियों को काम करने के लिए बाध्य कर रही हैं। उनका आरोप है कि उनकी ड्यूटी सचिवालय से हटाकर स्वास्थ्य सचिव के घर में घरेलू कार्यों के लिए लगाई गई थी, ऐसे में जब उन्होंने इस कार्य को करने से मना किया तो उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इन 3 कर्मचारियों ने शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों को बताया कि यह कर्मचारी आउटसोर्स के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत है और अब उनकी ड्यूटी स्वास्थ्य सचिव के घर में घरेलू कार्यों के लिए लगाई गई हैं। कर्मचारियों के अनुसार उन्होंने घरेलू कार्य को करने से जब मना किया तो उन्हें अब नौकरी से हाथ धोने की नौबत आ गई हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों ने सरकार और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप गुहार लगाई हैं। तीन कर्मचारियों में एक महिला भी शामिल है जिनका कहना है कि वे एकल महिला है और इस नौकरी पर पूरी तरह निर्भर हैं। इसके साथ ही वह हैंडिकैप्ड भी है जिस कारण घरेलू कार्य को नहीं कर पाती।
उनका कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य सचिव के समक्ष अपनी समस्या भी रखी लेकिन स्वास्थ्य सचिव ने उनकी एक नहीं सुनी है और उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सचिव उनसे अपने घर में सुबह 8 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक काम करवाती हैं जिसके चलते उन्हें अपने घर जाने में भी रात के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। उन्होंने जब इस बात का विरोध किया और स्वास्थ्य सचिव के घर पर काम न करते हुए सचिवालय में ही जहां उन्हें कार्य करने के लिए भेजा गया है वहां पर काम करवाने की बात कही तो स्वास्थ्य सचिव उन्हें नौकरी से निकल रही हैं।
