सचिन शर्मा, लाहौल स्पीति: पर्यटन स्थल लौहाल स्पीति आने पर अब यहां सैलानी कयाकिंग का भी लुत्फ़ उठा सकेंगे। घाटी की चंद्रभागा नदी में कयाकिंग का पहला अभियान पूरी तरफ से सफल रहा है। 28 नवंबर से चले इस अभियान का समापन 30 नवंबर को हुआ। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एलाइड स्पोर्ट्स मनाली ने 75 किलोमीटर तक कि कयाकिंग कर इस अभियान को सफल बनाया।
यह अभियान कोकसर पुल के डोरनी मोड से आरंभ किया गया था और कीर्तिँग में जाकर यह पूरा हुआ। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि निर्देशक अटल बिहारी वाजपेई पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली अविनाश नेगी ने बताया कि लाहौल स्पीति के लोगों को सहासिक एवं शीतकालीन खेलों से जोड़ने के मकसद से आजादी के अमृत महोत्सव के 75 वर्ष पर आर्थिक स्वालंबन की राह पर अग्रसर करने के लिए व विशेषकर युवाओं को शीतकालीन पर्यटन से स्वरोजगार से जोड़ने के लिए यह अभियान मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि इससे हित धारकों को भी जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे । इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक रमन गरसिंगी ने कहा की लाहौल और स्पीति के इतिहास में सर्दियों के मौसम में पहली बार चंद्रभागा नदी में अब तक के पहले कयाकिंग अभियान का सफल आयोजन जिला लाहौल स्पीति को शीतकालीन पर्यटन की दृष्टि से विश्व के पर्यटन मानचित्र पर उजागर करने की जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की सकारात्मक पहल है | इस अवसर पर क्याकर्स टीम,लीडर व रेस्क्यू टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए निदेशक अविनाश नेगी ने सम्मानित भी किया गया ।
