राहुल चावला,बैजनाथ (TSN)-बैजनाथ विधान सभा क्षेत्र में आने वाली गुनेहड़ पंचायत को साडा नियम में अन्तर्गत लाया गया है.जिसके बाद यहां के लोगों के चेहरे पर चिंताओं की सलवटें दिख रही है। क्योंकि इस साड़ा नियम का यहां के लोगों को पता ही नहीं है.जबकि यह गांव पहाड़ी क्षेत्र में आता है।जहां तक बात है नियमों की तो लोगों को कुछ भी पता नहीं चल रहा है क्यों कि यहां के लोग दिहाड़ी लगा कर अपने घर का गुजारा करते हैं
जिला कांगड़ा की अंतिम पंचायत है गुनेहड़ मंडी के साथ लगता है बॉर्डर
साडा के नियम के तहत अगर गांव में कोई मकान बनाता है तो उसको पहले नक्शा पास करवाना होगा और घर तक सड़क भी बनाई जाती है अगर अपने घर में नलका भी लगाना होगा तो आपको पालमपुर और धर्मशाला के चक्कर लगाने पड़ेंगे,लेकिन यह पंचायत आज भी पिछड़ी पंचायतों में गिनी जाती है। इस पंचायत के लोगों ने इस साडा नियम का विरोध किया है और आज गुनेहड़ पंचायत के लोगों ने इकट्ठा हो कर यह निर्णय लिया है कि सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा .लोगों का कहना है कि उनको इस नियम या कानून का कोई भी फायदा नहीं है बल्कि गांव वालो को नुकसान ही उठाना पड़ेगा. बता दें कि आज तक साड़ा के दायरे में आई पंचायतों में कोई खास काम नहीं हुआ है इससे पहले भी बीड़ में इसका विरोध किया गया था और अब लोग फिर से साडा का विराज हो रहा है,लोगों का कहना है कि अगर उनकी पंचायत को साडा से बाहर नहीं किया गया तो वह हाई कॉट का दरवाजा खट खटाने से परहेज नहीं करेंगे.
SDM बैजनाथ देवी चंद ठाकुर का कहना ये
वहीं इस मामले में SDM बैजनाथ देवी चंद ठाकुर ने जानकारी देते हुए कहा कि टीसीपी के दायरे में जो भी इलाके आते हैं इसमें सरकार की ओर से ही फैसला लिया जाता है.बैजनाथ के भी बहुत से नए क्षेत्र साड़ा में शामिल किए हैं,जिनका विरोध हो रहा है. सरकार ने हमसे स्पॉट की रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था,जिसकी रिपोर्ट हमने सरकार को भेज दी है रिपोर्ट के विहाफ पर ही सरकार उचित निर्णय लेगी।
