Hamirpur, Arvind-पुंग खड्ड में बंद पड़े एक क्रशर पर पुलिस, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त कार्रवाई को लेकर हमीरपुर सदर के विधायक आशीष शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। शर्मा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना किसी सर्च वारंट के की गई और यह एक राजनीतिक साज़िश का हिस्सा है।
विधायक के अनुसार, यह क्रशर उनके चाचा प्रवीण शर्मा का है और पिछले डेढ़ साल से पूरी तरह बंद पड़ा है। मौके पर मौजूद मशीनरी, जिसमें जेसीबी भी शामिल है, लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी है और काम करने योग्य स्थिति में नहीं है। शर्मा ने कहा कि इतनी भारी मशीनरी को कहीं और ले जाना संभव नहीं, फिर भी इसे अवैध खनन से जोड़ते हुए मामला दर्ज किया गया।आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस मंगलवार दोपहर 12 बजे से शाम तक क्रशर परिसर में रही, इस दौरान अधिकारी फोन पर व्यस्त रहे और अन्य कर्मचारी कैंटीन में बैठे रहे। देर शाम जाकर एफआईआर दर्ज की गई। शर्मा का दावा है कि यह सब उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के लिए किया गया है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से ऐसे मामलों पर संज्ञान लेने की अपील की और कहा कि झूठे मुकदमों से न केवल उनकी बल्कि मुख्यमंत्री की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त और ठेकेदारी दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ जैसे मामले सामने लाए गए और अब अवैध खनन का झूठा केस दर्ज कर ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है।साथ ही, शर्मा ने आरोप लगाया कि हाल ही में रोपवे परियोजना में 1700 करोड़ के प्रस्ताव को 4000 करोड़ में देने की तैयारी हो रही थी, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले की संभावना थी।
