भावना शर्मा: राजधानी शिमला राम नवमी का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। आज नवरात्रि का भी अंतिम दिन हैं ऐसे में जहां मंदिरों में मां दुर्गा के नौवें रूप की पूजा अर्चना की गई तो वहीं प्रभु श्री राम का जन्मदिवस भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया। शिमला के राम मंदिर में इस उपलक्ष्य पर विशेष पूजा अर्चना की गई और राम नवमी बड़ी धूमधाम से मनाई गई।
मंदिर में सुबह से ही आरती और पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी। शहरवासियों के अलावा शिमला घूमने आए सैलानी भी राम मंदिर माथा टेकने पहुंचे। वहीं प्रभु राम के जन्म पर राम मंदिर सूद सभा ने रामकथा का आयोजन किया, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन संबंधी बातें बताई गई। रामनवमी पर आज सारा दिन मंदिर में भंडारा लगा रहेगा। वहीं शाम 6 बजे के बाद मंदिर में कीर्तन किया जाएगा।
इस अवसर पर शाम के समय श्रद्धालु और सूद सभा की ओर से बुलाए गए कलाकारों की ओर से प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। पुजारी सुखदेव शर्मा का कहना है कि भगवान राम का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। इसलिए हर वर्ष हिंदू धर्म में आज के दिन पूजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन नवरात्रि और रामनवमी दोनों के ही व्रत किए जाते हैं।
कई जगह भंडारों का आयोजन
शिमला के हर मंदिर में और कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। हजारों लोगों ने भंडारे का स्वाद चखा 12 बजे से शाम 5 बजे तक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
