राहुल चावला, धर्मशाला: क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए तैयार हो रहा हैं। अस्पताल में करोड़ों की लागत से फायर वॉर्निंग सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा हैं। इस सिस्टम को लगाने की प्रक्रिया भी अस्पताल में शुरू हो गई हैं। 1 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से बनने वाला फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया गया हैं। अस्पताल के दोनों ब्लॉकों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए एक मजबूत रक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा हैं। इस परियोजना में पहले चरण में फायर वॉर्निंग सिस्टम विकसित करने का कार्य शुरू हो गया हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि अस्पताल में आग की घटनाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्मार्ट सिटी परियोजना की ओर से मुहैया करवाई जा रही हैं। आर्थिक मदद से एक मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 1.48 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मुहैया करवा जा रही हैं। इसके लिए पहली किस्त में 57 लाख रुपए की राशि मिल गई हैं। वहीं, स्मार्ट सिटी धर्मशाला परियोजना के तहत 28 लाख रुपए की मदद मिलेगी। इससे एक लाख लीटर की क्षमता वाले पानी के टैंक की व्यवस्था की जाएगी।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि फायर वॉर्निंग और फाइटिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा हैं। फायर वार्निंग सिस्टम में ऑडियो और स्मॉक डिटेक्टर लगाए जाएंगे, जो अस्पताल में आग लगने की जानकारी अस्पताल में ही बनाए जाने वाले कंट्रोल रूम को तुरंत देगी। इसके अलावा पूरे अस्पताल में पाइप बिछाकर उन्हें अंडरग्राउंड पानी के टैंक के साथ जोड़ा जाएगा। आपात स्थिति में इस पानी का उपयोग किया जाएगा। फायर फाइटिंग सिस्टम बनाने का काम विद्युत बोर्ड और पानी का टैंक बनाने का काम जल शक्ति विभाग को सौंप दिया गया हैं।
