अरविंदर सिंह,हमीरपुर: ज़िला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत करेर के सलौणी गांव के जवान राजकुमार की एक ट्रेन हादसे ने मौत हो गई। जवान राजकुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। जवान की शव यात्रा में बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखन पाल सहित ग्राम वासी भारी संख्या में शामिल हुए और उन्होंने भारत माता की जय जय कार के अलावा राजकुमार अमर रहे के नारे भी लगाए। बेटे राघव ने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के मौके पर पूरा गांव और शहीद के रिश्तेदार श्मशान घाट पहुंचे।
शुक्रवार तड़के सलौणी गांव के शहीद नायक राजकुमार शर्मा की पार्थिव देह घर पहुंच गई थी। ऋषिकेश से उनकी देह यहां लाई गई। जालंधर से आई बटालियन के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। बता दें कि राजकुमार (40) निवासी सलौणी 174 इंजीनियर्स टेरोटोरियल आर्मी जम्मू में तैनात था। सेना के काम से दो दिन पूर्व उसे रुड़की (उत्तराखंड) भेजा गया था जहां रास्ते में वह ट्रेन दुर्घटना में घायल हो गया। ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए जवान को ऋषिकेश के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। दो दिन तक जिंदगी से संघर्ष करते हुए गुरूवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
पंचायत प्रधान अमिता शर्मा ने बताया है कि बीते रोज ही इसकी जानकारी उन्हें मिल गई थी। बेटा जब घायल हुआ तो उनकी 62 वर्षीय माता कमला देवी भी उन्हें AIIMS में देखने 2 दिन पहले ऋषिकेश पहुंची थीं, लेकिन राजकुमार की हालत खराब देखकर उन्हें वहां से घर भेज दिया गया था।
शहीद राजकुमार अपने माता- पिता का इकलौता बेटा था। राजकुमार विवाहित था और वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गया हैं। उसकी एक छोटी बहन भी है जोकि विवाहित हैं। राजकुमार के पिता बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं। राजकुमार 2007-08 में सेना मे भर्ती हुआ था और यह उसका रिटायरमेंट का अंतिम वर्ष था।
कुछ समय पहले घर भी आए थे शहीद राजकुमार
शहीद राजकुमार कुछ समय पहले घर भी आए थे और वे रिटायरमेंट के कागजात को लेकर फाइल भी तैयार करवा रहे थे। यह राजकुमार की रिटायमेंट का अंतिम वर्ष था। जम्मू यूनिट से शहीद के घर पहुंचे सूबेदार सचिन कुमार का कहना है कि इन्हें शहीद का ही दर्जा दिया गया हैं।
आर्मी ऑपरेशन में भी लगी थी गोली
शहीद राजकुमार करीब 5 साल पहले जम्मू में एक आर्मी ऑपरेशन के दौरान गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। तब उनकी टांग में गोली लगी थी। उनका काफी दिनों तक इलाज चला था। राजकुमार कभी हार न मानने वालों में सुमार थे। देश के प्रति लड़ने का उनका जज्बा उनके दोस्तों की जुबानी भी सुना जा रहा है।
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने सैनिक के परिजनों को सौंपा 5 लाख का चेक
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने शहीद राजकुमार के घर जाकर शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी ओर प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें पांच लाख रुपए का चेक प्रदान किया। इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शोक संतप्त परिजनों के साथ है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
