बीबीएन : जगत सिंह- प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ में लीज की आड़ में अवैध खनन करने व और साल में 1 अरब 40 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी करने के क्रेशर मालिकों पर गंभीर आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं।
ओवरलोड ट्रकों के कारण हो रहे हैं सड़कों पर हादसे
लोगों ने आरोप लगाया है कि जितने भी औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ में क्रशर है वह लीज की आड़ में अवैध खनन का काम करते हैं और जहां जहां भी इन्होंने लीज ले रखी है वहां वहां 100-100 फिट के गहरे खड्डे खोद दिए जाते हैं । बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर अवैध खनन किया जाता है और उसकी ढुलाई के लिए जो ट्रक माल ढुलाई को लेकर 18 टन या 16 टन की ही परमिशन होती है लेकिन उसमें भी ओवरलोड खनन सामग्री 70-80 टन उठाकर सड़कों को नुकसान पहुंचाया जाता है। यहां तो आलम यह हो गया है कि बरुणा से लेकर पंजेहरा तक की सड़क को बने हुए अभी 2 साल भी नहीं हुए लेकिन ओवरलोडेड ट्रकों के कारण सड़क जगह-जगह से टूट गई है । जिसके कारण आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं । कुछ दिन पहले इसी सड़क पर एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत भी हो गई थी। और अब ओवरलोड ट्रकों के कारण प्रतिवर्ष एक अरब 40 करोड से ज्यादा का टैक्स खनन माफिया द्वारा चोरी किया जा रहा है।
विभाग व सरकार को शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और चुने हुए प्रतिनिधियों पर भी मिलीभगत करके यह अवैध कार्य करने के गंभीर आरोप जड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत के माध्यम से माइनिंग विभाग एसडीएम नालागढ़ , डीसी सोलन व माइनिंग ऑफिसर सोलन को शिकायतें की गई, लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक प्रशासन की ओर से मौका तक नहीं देखा गया और ना ही कोई कार्रवाई की गई है । स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन से जुड़े ट्रकों की कैपेसिटी 16 टन और 18 टन ही होती है, लेकिन उसमें 70 से 80 टन खनन सामग्री को अपलोड करके सड़कों से ले जाया जाता है । जिसके कारण सड़कें टूट जाती है और आए दिन उनके कारण सड़क हादसे होते हैं । लोगों ने कहा कि इस बारे में आरटीओ पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारियों को शिकायतें की गई लेकिन किसी ने भी इस पर कार्रवाई नहीं की ।
लोगों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध खनन की वजह से जहां नदियों का जलस्तर नीचे चला गया है और उसके कारण पर्यावरण को भी खासा नुकसान हो रहा है । लोगों ने सरकार व प्रशासन को चेतावनी देकर कहा है कि अगर इस अवैध खनन और लीज की आड़ में चल रहे गोरखधंधे को बंद नहीं करवाया गया तो वह आने वाले दिनों में एकत्रित होकर एक बड़ा धरना प्रदर्शन करने को भी मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन और सरकार की होगी।
