संजु चौधरी,शिमला: प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला लगातार जारी हैं। वहीं राजधानी शिमला में भी जमकर बारिश हो रही हैं। इस बारिश के चलते शिमला में भूस्खलन के साथ ही पेड़ गिरने का सिलसिला लगातार जारी हैं। लगातार इस तरह की घटनाएं शिमला में घट रही हैं। वहीं बीती गुरुवार रात शिमला के विकास नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भवन पर भारी-भरकम पेड़ आ गिरा। यह पेड़ करीब रात 11 बजे गिरा और पेड़ भवन की छत पर गिरा।
पेड़ गिरने की आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर भागे । पेड़ गिरने से भवन को काफी नुकसान हुआ है और भवन को भी खतरा हो गया है ऐसे में लोग रात को ही घर छोड़कर निकल गए। वहीं पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही सुबह पेड़ को हटाने के लिए वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे हैं और पेड़ को भवन से हटाया जा रहा हैं। पेड़ गिरने से भवन के ऊपर की टंकियां पूरी तरह से टूट गई और छत को भी काफी नुकसान हुआ हैं। वहीं नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे हैं और स्थिति का जायजा लिया। वहीं भवन के साथ लगते ही अन्य पेड़ भी गिरने की कगार पर है जिसे काटने के मौके पर ही महापौर ने निर्देश दे दिए।
नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि देर रात यह पेड़ भवन पर गिरा है जिससे भवन को नुकसान हुआ है और इसकी सूचना स्थानीय पार्षद की ओर से उन्हें दी गई। पेड़ को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया हैं। पेड़ गिरने से भवन को नुकसान हुआ है और पर रात को कुछ लोगों को इस भवन से निकाल कर दूसरे भवन में रखा गया हैं। इसके अलावा एक अन्य पेड़ भी गिरने की कगार पर है जिसे काटने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात में जो भी पेड़ घरों के लिए पेड़ खतरा बने हैं, उन्हें प्राथमिकता पर हटाया जा रहा है ताकि कोई जान माल का नुकसान ना हो और इसको लेकर वन विभाग के अधिकारियों को भी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
बता दें शिमला शहर में सैकड़ों पेड़ ऐसे हैं जो गिरने की कगार पर है और खासकर बरसात में पेड़ों का गिरने का खतरा भी ज्यादा बना रहता हैं। नगर निगम में 100 के करीब पेड़ों के काटने के आवेदन लोग कर चुके हैं अब तक करीब 50 पेड़ इस बरसात में जगह-जगह गिर चुके हैं। वहीं नगर निगम ने भी खतरा बने पेड़ों को जल्द काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
