संजू चौधरी,शिमला: प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी की ओर से अपने उम्मीदवार घोषित करने के बाद से ही जिन नेताओं को टिकट मिलने की उम्मीद थी और जिन के टिकट कटे हैं वह पार्टियों के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं। दोनों ही पार्टियों में इस तरह की बगावत देखने के लिए मिल रही है, जहां पार्टी से नाराज चल रहे नेताओं ने बतौर आजाद प्रत्याशी इन चुनावों में उतरने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में शिमला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट न मिलने से नाराज चल रहे सुभाष मंगलेट ने भी मंगलवार को आजाद प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दर्ज किया है।
मंगलेट ने चौपल में समर्थकों के साथ अपना नामांकन भरा ओर इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों ने इस दौरान राजीव शुक्ला पर टिकट बेचने के भी आरोप लगाए। यही नहीं सुभाष मंगलेट ने राजीव शुक्ला को खुद आ कर चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली। सुभाष मंगलेट ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से टिकट के लिए आवेदन किया था लेकिन कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दी जिसने 2017 के चुनाव में भाजपा का साथ दिया और इस बार सर्वे के आधार पर टिकट बांटने की बात कही जा रही है, लेकिन सर्वे पूरी तरह से फर्जी था। उन्होंने कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राजीव शुक्ला नेता नहीं है मैनेजमेंट कॉरपरेट जगत के नेता है। वे बिजनेसमैन अच्छे हो सकते है लेकिन नेतागिरी ओर पार्टी चलना उनके बस में नहीं है।
उन्होंने कहा कि वे निष्ठा से काम नहीं कर रहे है और कांग्रेस के बड़े नेताओं को गुमराह करने का काम कर रहे है। वे हेलीकॉप्टर से नीचे नहीं उतरते ओर फाइव स्टार होटलों में ठहरते है। वही है जो कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुचने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से 2017 में उनके खिलाफ काम किया गया और कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार चौपल में असली ओर नकली कांग्रेस की लड़ाई है। कांग्रेस ओर भाजपा के बीच तो फ्रेंडली मैच चल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें किसी भी कांग्रेस के बड़े नेता का फोन नहीं आया है जिससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस के नेताओं को भी पता है कि टिकट गलत दिया गया है जिसकी वजह से वे चुप बैठे है और उनका समर्थन भी उनके साथ है।
