Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश सरकार की एंटी-चिट्टा मुहिम को नई गति देने और ऊना जिले को चिट्टा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार को डीआरडीए सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिले के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल, आईटीआई संस्थानों के संचालक, प्रधानाचार्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
डीसी जतिन लाल ने नशे के उन्मूलन में शिक्षण संस्थानों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए शैक्षणिक संस्थान, अभिभावक, समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कॉलेजों और आईटीआई प्रबंधनों से छात्रों के व्यवहार पर नियमित निगरानी रखने और असामान्य व्यवहार या तनाव की स्थिति में त्वरित परामर्श एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के बाहर नशे की बिक्री की किसी भी सूचना पर तत्काल पुलिस को अवगत कराएं, ताकि इस अवैध नेटवर्क को खत्म किया जा सके। डीसी ने यह भी कहा कि मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग युवाओं में नशे और तनाव की प्रवृत्ति को बढ़ा रहा है, इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थान नियमित रूप से स्वच्छता अभियान, खेलकूद, योग, संगीत, नृत्य, कला एवं अन्य रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लग सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान हर सप्ताह एक बैठक आयोजित करे और उसकी रिपोर्ट संबंधित एसडीएम कार्यालय में भेजे।जतिन लाल ने बताया कि राज्य सरकार ने नशा व्यापार को खत्म करने के लिए विशेष इनाम योजना शुरू की है। कोई भी व्यक्ति यदि चिट्टा तस्करी की सूचना देता है, तो उसे 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
