सोलन/योगेश शर्मा: जिला सोलन में डेंगू के मामले के साथ अब स्क्रब टायफस के मामले भी सामने आने लगे हैं। जिला के औद्योगिक क्षेत्र परवाणु में अभी तक स्क्रब टायफस के 21 मामले सामने आ चुके हैं,हालांकि लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को इससे बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमित रंजन ने बताया कि स्क्रब टायफस एक बैक्टीरियल इलनेस है, जो एक कीड़े ( पिसु ) के काटने से होता है और घास में पाया जाता है ज्यादातर मामले गांव में इसको लेकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र परवाणु में अभी तक 21 मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल किसी की भी जान अभी तक स्क्रब टायफस से जिला में नहीं हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पिसु के काटने से शरीर पर बन जाता है लाल निशान
डॉ अमित रंजन ने बताया कि कीड़े ( पिसु ) के काटने से व्यक्ति के शरीर पर लाल निशान बन जाता है। इस कारण रेशिष भी शरीर पर हो जाती है,कीड़े के काटने से 30 से 35% मल्टी ऑर्गन फेलियर देखने के लिए मिलते है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिला में स्वास्थ्य विभाग लोगों जागरुक कर रहा है। वही लोगों से भी अपील की जा रही है कि यदि उन्हें इस तरह से कोई भी पिसु ( कीड़ा ) काट लेता है , तो उसके बारे में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर की सलाह लें।
