मंडी/परी शर्मा: सदर विधानसभा को द्रंग विधानसभा से जोड़ने वाले ब्यास नदी के ऊपर पैदल चलने वाले लकड़ी निर्मित पुल की हालत बहुत खराब हो गई है। जगह जगह से पुल की रेलिंग टूट चुकी है। इसका उद्धघाटन 29 मई 1985 को किया गया था। जिसे अब लगभग 38 वर्ष हो चुके है। अब इस पुल की स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है। रोज इस पूल से स्कूली बच्चे, कॉलेज के बच्चे, कर्मचारी, व्यवसाई व मजदूर लोग इस पूल से आते जाते है। पुल के दोनों तरफ की रेलिंग काफी जगह से टूट चुकीं है।

प्रशासन व विभाग कोई भी ध्यान नहीं दे रहा
स्थानीय निवासी बी आर सकलानी ने बताया कि इस पुल पर प्रशासन व विभाग कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। हर साल इस पुल के लिए बजट आता है पर पता नहीं लगता कहां है। इस पुल के साथ ही 2016 में ठाकुर कौल सिंह ने नए पुल का शिलान्यास किया था, पर उस पर भी मौजूदा सरकार व विधायक ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसका कार्य आज तक भी शुरू नहीं हो पाया है। सकलानी ने बताया कि हमारे घर तक जाने वाला रास्ता भी खराब हो गया था जिसे पंचायत के सहयोग से ठीक किया गया, लेकिन तब तक हम गांव के लोगो को किश्ती के सहारे ब्यास दरिया पार करके घर पहुंचना पड़ता था। गांव के लोगों द्वारा ही ब्यास दरिया में एक पैदल चलने वाला बांस का पुल भी बनाया गया। जिसमें प्रशासन का हमें कोई सहयोग नहीं मिला। इन्होंने मांग की हैं कि नए शिलान्यास किए गए पुल का भी निर्माण जल्द से जल्द किया जाए और इस पुराने पुल को भी नए सिरे से ठीक किया जाए।

लोगों का हर रोज का आना-जाना
स्थानीय निवासी अरुण कुमार व जतेंद्र कुमार ने बताया कि इस पुल से इनका रोज का आना-जाना रहता है। देर रात को ये लोग अपने काम से वापिस आते है। इनके बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं इस पुल से गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि इस पुल को जल्द से जल्द ठीक किया जाए।
लोक निर्माण विभाग का ये कहना
जब इस बारे लोक निर्माण विभाग थलोट के अधिशाषी अभियंता सुरेश कौशल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस पुल का दौरा कर लिया गया है। पुल की हालत बहुत खराब है, इसका एस्टीमेट मेकेनिकल विभाग द्वारा बनाया जा रहा है। नए सिरे से इसका कार्य किया जाएगा। इसके दोनों तरफ अब लोहे की रेलिंग लगेगी। इस पुल का कार्य टेंडर लगाकर जल्द से जल्द आरंभ कर दिया जाएगा।
