Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश मेंपर्यावरण संरक्षण और हरित आच्छादन बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। राज्य सरकार ने ‘हिम एवरग्रीन प्रोजेक्ट’ के तहत अब निजी भूमि पर भी पौधारोपण करने का निर्णय लिया है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने एक निजी कंपनी के साथ औपचारिक समझौता (एग्रीमेंट) किया है।इस संबंध में जानकारी देते हुए वन विभाग के डीएफओ ऊना, सुशील राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य प्रदेशभर में हरित क्षेत्र का विस्तार करना और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत कुल 50 हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा और 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीएफओ राणा ने कहा कि ऊना जिले में पहले भी वन विभाग की ओर से निजी भूमि पर एक लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि अगले वर्ष इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत वन विभाग पौधे उपलब्ध करवाएगा। कंपनी प्रत्येक पौधे के लिए ₹30 वन विभाग को और ₹20 भूमि मालिक (जमींदार) को देगी। इसके अलावा, पौधा सफलतापूर्वक पनपने पर कंपनी की ओर से ₹50 अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि जमींदार को दी जाएगी।उन्होंने बताया कि 2026 तक 5 लाख पौधे और 2027 तक अतिरिक्त 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत कुल 50 लाख पौधे लगाने का प्रावधान है।यह प्रोजेक्ट कार्बन क्रेडिट प्रणाली पर आधारित है। पांच वर्ष बाद कार्बन एस्टिमेशन की जाएगी, जिसके बाद होने वाली आय का 65% हिस्सा कंपनी को, 30% भूमि मालिक को और 5% वन विभाग को मिलेगा। राणा ने कहा कि जब पौधा 25 साल बाद कटेगा, तो उसकी समस्त आय भूमि मालिक को ही मिलेगी।उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट ऊना जिले के जमींदारों के लिए लाभकारी पहल साबित होगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
