By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: बेमौसमी बारिश और तूफान ने बर्बाद की बागवानों की आम की फसल, हुआ लाखों का नुक़सान
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > बेमौसमी बारिश और तूफान ने बर्बाद की बागवानों की आम की फसल, हुआ लाखों का नुक़सान
himachalNews

बेमौसमी बारिश और तूफान ने बर्बाद की बागवानों की आम की फसल, हुआ लाखों का नुक़सान

admin
admin 5 Min Read
Updated 2023/05/12 at 3:50 PM
Share
राहुल चावला , धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में हुई बेमौसमी बारिश ने जहां किसानों पर अपना सितम ढाया हैं तो वहीं बागबान भी इससे अछूते नहीं हैं। प्रदेश का कांगड़ा एकमात्र ऐसा जिला है जहां आम की बंपर पैदावार होती हैं। यहां कई तरह की किस्मों का आम उगाया जाता है, जिसके लिए विशेष सीज़न में विशेष तरह का तापमान होना भी बेहद जरूरी रहता हैं। इस फसल के लिए हर साल मार्च के अंत और मई महीने की शुरूआत तक जहां तापमान 30 से 32 डिग्री सैल्सियस तक होता था वहीं इस बार तापमान 12 से 15 डिग्री तक सीमित होता हुआ नजर आया जिसका अच्छा-ख़ासा असर कांगड़ा के बागवानों पर भी पड़ा हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मुताबिक कांगड़ा में 41 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बागवानी की जाती है और हर साल करीब 48 हजार मीट्रिक टन से भी ज्यादा की प्रोडक्शन होती हैं जिसमें आम, सिट्रस और लीची की फसल शामिल हैं। कांगड़ा में साढ़े 21 हजार हैक्टेयर जमीन पर सिर्फ और सिर्फ आम ही उगाया जाता हैं।  इन आमों से 20 हजार मीट्रिक टन की पैदावार होती हैं,मगर इस साल इसी तरह से पैदावार होगी ये बहुत बड़ा सवाल पैदा हो चुका हैं। मार्च माह के अंत और अप्रैल के शुरूआती दौर में आमों में फ्लावरिंग पीक पर रहती हैं। बावजूद इसके जिस तरह से मार्च के अंत और अप्रैल महीनें में बेमौसमी बरसात हुई हैं उससे जानकार बताते हैं कि आम की फसल में एक बीमारी आ गई है जिसे ब्लोज़म ब्लाइट या एंथैक्लूज़ भी कहते हैं। इस बीमारी से आम की फसल में पड़ने वाला कुर पहले ही पूरी तरह से ब्लैक हो गया हैं नतीजतन इस बार पौधों पर फल लगने से पहले ही ख़राब हो चुका हैं।
विभागीय जानकारी के मुताबिक कांगड़ा में इस बार बेमौसमी बरसात की वजह से करीब 387 लाख रुपए का नुकसान हुआ हैं। यूं कहें कि इससे 1 हजार 304 हैक्टेयर क्षेत्र चपेट में आया है और 32 सौ मीट्रिक टन की प्रोडक्शन प्रभावित हुई हैं। कांगड़ा में बड़े स्तर पर आम की फसल लगाने वाले बड़े स्तर के करीब 33 बागवान बुरी तरह से प्रभावित हुए  हैं, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान सिर्फ नूरपुर को हुआ हैं।
कांगड़ा में 15 ब्लॉक हैं और नूरपुर और इंदौरा दो ऐसे ब्लॉक हैं जहां आम की बंपर पैदावार होती हैं,मगर इस बार बेमौसमी बारिश ने इन दो ब्लॉकों में ही सबसे ज्यादा तबाही मचाई हैं। आंकड़ों के तहत ये समझा जा सकता है कि अगर पूरे कांगड़ा में अगर 387 लाख का नुकसान हुआ है तो 3 सौ लाख रुपए का अकेला नुकसान सिर्फ और सिर्फ नूरपुर ब्लॉक में ही हुआ हैं।
उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. कमल शील नेगी की मानें तो सरकार हर साल बागवानों को विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान राशि और साजो-सामान मुहैया करवाती हैं,ताकि प्रदेश का बागवान सबल बने, इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से उनका मनोबल न टूटे। इस बार भी प्रभावित बागवानों की मदद नेशनल डिजास्टर रीलीफ योजना के तहत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बागवानों का समय समय पर प्रशिक्षण भी होता हैं। साथ ही उन्हें विभाग की ओर से टंकी, पाइप्स, स्कैचर, स्प्रे, पैस्टीसाइट और माइक्रो न्यूट्रैंट आदी भी मुहैया करवाये जाते हैं।
विभाग जहां विभिन्न योजनाओं के तहत पचास से 75 फीसदी तक मदद करता है तो कई मर्तबा शत प्रतिशत तक भी मदद की जाती हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों की फसल जहां किसान अपने स्तर पर पंजाब, जम्मू और हरियाणा की मंडियों में ले जाता है तो वहीं कई मर्तबा सहारनपुर के कॉन्ट्रैक्टर खुद आकर बगीचों को खरीद लेते हैं। वहीं सरकार हिमफैड और एचपीएमसी के जरिये मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत भी खरीद लेती है, जिसका लाभ भी बागवानों को होता हैं।
TAGGED: Kangra, mango crop, ruined, storm, Unseasonal rain
admin May 12, 2023
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article नगरोटा सूरियां में हुआ श्री भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ,भव्य रूप में निकाली गई कलश यात्रा
Next Article सोलन अस्पताल में स्थापित हुई सीबी नाट मशीन…टीबी के मामलों को ट्रैक करने में होगी आसानी
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

हमीरपुर डिवीजन में 37 हजार से अधिक हिम बस कार्ड बने, आवेदन की तिथि 31 मई तक बढ़ी

Ago

बरमाणा में नशा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 611 ग्राम चरस सहित दो आरोपी गिरफ्तार

Ago

कालका-शिमला हाईवे पर कार-ट्रक की टक्कर, बाल-बाल बचे यात्री

Ago

सोलन में जमीन सौदों पर सवाल: एसडीएम के खिलाफ शिकायत, विजिलेंस जांच की मांग

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?