संजु चौधरी शिमला: राजधानी शिमला में बुधवार को बजारों में खिलौनों की दुकानें बंद पड़ी रही। खिलौना व्यपारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखा। दुकानों को बंद करने की पीछे की वजह कुछ और नहीं बल्कि दुकानों पर पड़ने वाले छापे का डर था जिसके चलते खिलौना कारोबारियों ने दुकानों को ही बंद कर दिया। बुधवार को राजधानी शिमला के प्रतिष्ठित खिलौना व्यापारियों की दुकानों पर छापे पड़ने से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। डर के कारण खिलौना व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी।
बता दें कि केंद्र ने हाल में नियम बनाया है कि 14 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए जो भी खिलौने बनाए जा रहे हैं, सब आईएसआई मार्क होना चाहिए। इसको लेकर मॉल रोड स्थित खिलौना व्यापारी की दुकान पर छापा पड़ने के कारण बुधवार को शहर के अन्य व्यापारियों ने डर का चलते दुकानें नहीं खोली। दुकानदारों का कहना है कि वह इस नियम से अनभिज्ञ हैं।
पूर्व पार्षद व पूर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मॉल रोड पर प्रतिष्ठित खिलौना व्यापारी की दुकान पर आईएसआई मार्क को लेकर दुकान पर छापा मारा गया, जबकि दुकानदार अभी इस नियम से अनभिज्ञ हैं। इनकी दुकानों पर अभी पुराना सामान पड़ा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इन दुकानदारों को थोड़ा समय दे जिससे उन्हें इस सामान को हटाने का मौका मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात भी की है और अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि व्यापारियों का पक्ष वह सरकार के समक्ष रखेंगे। वहीं खिलौना व्यापारियों ने कहा कि प्रतिष्ठित दुकानदार की दुकान पर छापा पड़ने के कारण वह अपनी दुकान आज डर के कारण नहीं खोल सके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार के नए मानकों का ज्ञान नहीं है और वह इस नए नियम से अनभिज्ञ हैं।
सरकार की ओर से कभी आईएसआई मार्क के बाबत कोई सूचना भी नहीं आई, जबकि वह कई वर्षों से इस कारोबार से जुड़े हैं। उनकी दुकानों में पुराना सामान भी है उसे अब वह कहां फैंक दें। उन्होंने कहा कि उन्हें अब डर सता रहा है कि कहीं अब उनकी दुकान पर छापा न पड़ जाए जिस कारण दुकान नहीं खोल पा रहें है। दुकानदारों का कहना है कि सरकार उन्हें कुछ समय सीमा दे जिससे दुकान में जो पुराना सामान रखा है उसे हटा सके क्योंकि उन्हें मालूम ही नहीं है कि कौन सा खिलौना आईएसआई मार्क है और किस पर यह मार्क नहीं लगा हैं इस बात को देखने के लिए समय लगेगा।
